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9 दिसंबर, 2019|11:56|IST

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वन कर्मियों को दौड़ाया, फायरिंग


अवैध खनन रोकने निकली पुलिस व वन विभाग की टीम पर खनन माफिया भारी पड़े। अवैध खनन रोकने गई टीमों को खनन माफियाओं ने खदेड़ दिया। अब अवैध खनन करने वालों पर नकेल कसने को विभाग  ने जिला प्रशासन से पीएसी की मांग करेगा।  बाजपुर में बहने वाली दाबका नदी में खनन सत्र शुरू न होने का फायदा खनन माफिया उठा रहे हैं। खनन सत्र बंद होने के बावजूद लम्बे समय से बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है। तराई पश्चिमी वन प्रभाग को अवैध खनन करने की शिकायतें लम्बे समय से मिल रही थी।

बुधवार शाम तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ पीके पात्रो ने खनन करने वालों को रोकने के लिए पांच टीमों का गठन किया। इनमें एक टीम पुलिस कर्मियों की भी थी। देर रात पांचों टीमों ने पांच गाड़ियों में अलग-अलग जगहों से बाजपुर के  बेंतखड़ी के पास दाबका नदी में छापा मारा। छापे के दौरान वहां चार दजर्न वाहन नदी में खनन करते मिले। टीम को देखते ही खनन करने वालों में हड़कंप मच गया। वे वाहन छोड़ कर भागने लगे।

भागदौड़ में खनन करता एक वाहन भी पलट गया। लेकिन थोड़ी देर बाद वहां हथियार बंद लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। इन लोगों ने वन विभाग की टीम को घेरना शुरू कर दिया। सूचना है कि खनन माफियाओं ने इस दौरान हवाई फायरिंग भी की। खनन माफियाओं की संख्या ज्यादा होने के कारण वन विभाग की टीमों ने वहां से भागना पड़ा। खनन माफियाओं ने एसडीओ पीसी आर्या की गाड़ी घेर ली। उनके ड्राइवर ने जंगल के कच्चे रास्तों में गाड़ी डालकर जान बचाई।

तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ पीके पात्रों का कहना है कि खनन माफियाओं की संख्या ज्यादा होने के कारण वे वाहन जब्त नहीं कर सके। अब वे खनन रोकने के लिए दोनों जिलों के डीएम से पीएससी की मदद लेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी टीमों को घेरा जरूर गया था, मगर उन्होंने फायरिंग से इनकार किया।

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