सुरक्षा के दावे, पर एक सिपाही तक को नहीं भेजा - सुरक्षा के दावे तो किए पर एक सिपाही तक को नहीं भेजा DA Image
13 नबम्बर, 2019|12:37|IST

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सुरक्षा के दावे तो किए पर एक सिपाही तक को नहीं भेजा

मनगढ़ में होली पर्व पर पुष्प वर्षा को लेकर पुलिस और प्रशासन ने खास इंतजाम का दावा किया था। अफसरों ने धाम की सुरक्षा व्यवस्था के लिए खास बंदोबस्त करने के बड़े-बड़े दावे किए थे। खुफिया इकाई को भी सक्रिय किया गया। मगर मौके पर हजारों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक अदना सा सिपाही मौजूद नहीं था। मंदिर प्रशासन की तरफ से भी इतने बड़े कार्यक्रम की अनुमति लेना मुनासिब नहीं समझा गया। नतीजतन इतना बड़ा हादसा हो गया। 

भक्ति धाम मनगढ़ में कृपालु महाराज होली के दिन अपने शिष्यों साथ होली खलते हैं। इस बार उन्होंने रंगों की बजाए पुष्पों की होली खेली। होली खेलने के लिए विदेशों से भी काफी भक्तों का आना-जाना बना रहता है। इधर बीच दिल्ली के अस्पताल से फरार तीन आतंकवादियों के बावत प्रदेश के सभी जिलों को खुफिया एलर्ट किया गया था।

पुलिस महानिरीक्षक सुरक्षा विश्वजीत महापात्र ने एक पखवारे पहले जिला पुलिस को भी होली के त्योहार के मद्देनजर खास सतर्कता बरतने के निर्देश दिए थे। इसके तहत बड़े औद्योगिक स्थान, प्रमुख धार्मिक स्थल पर चाक-चौबंद व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए थे।

पुलिस ने उद्योग विहीन जनपद में सिर्फ  भक्ति धाम मनगढ़ को ही एलर्ट के मद्देनजर चुना। पुलिस अधीक्षक महेश कुमार मिश्र ने दावा किया कि होली पर जुटने वाले श्रद्धालुओं की चाक-चौबंद सुरक्षा-व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए सर्किल पुलिस के अलावा विशेष प्रशिक्षण प्राप्त जिला पुलिस के कमाण्डो को भी मनगढ़ की सुरक्षा में लगाने का दावा किया गया था।

पुलिस ने होली पर्व तो निपटा लिया लेकिन चार जनवरी को कृपालु महराज की पत्नी की बरसी के अवसर पर जुटने वाली भीड़ का अंदाजा नहीं लगा पाई। सुबह जब हजारों की संख्या में लोग मंदिर में जुटने लगे तब पर भी मनगढ़ पुलिस चौकी के कर्मियों ने सुरक्षा व्यवस्था की खास फिक्र नहीं की। मंदिर प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था के लिए अपनी तरफ से माँग नहीं की। इसका नतीजा रहा इतने ज्यादा लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।

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