सोनिया ने भी पेट्रोल-डीजल की बढ़ीं कीमतों को उचित ठहराया - सोनिया ने भी पेट्रोल-डीजल की बढ़ीं कीमतों को उचित ठहराया DA Image
17 नबम्बर, 2019|7:59|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सोनिया ने भी पेट्रोल-डीजल की बढ़ीं कीमतों को उचित ठहराया

सोनिया ने भी पेट्रोल-डीजल की बढ़ीं कीमतों को उचित ठहराया

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की बढी़ कीमतों की हिमायत की। उन्होंने इन कीमतों को वापस लेने के बारे में कोई उल्लेख नहीं करते हुए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा पेश बजट की प्रशंसा की और कहा कि हमें अपने सामाजिक दायित्वों को पूरा करने के लिए संसाधन बढा़ने की आवश्यकता है।

सोनिया ने नई दिल्ली में कांग्रेस संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि खाद्य वस्तुओं के दामों पर नियंत्रण हमारी प्राथमिकता बनी हुई है इसके लिए हमने सारी शक्ति को लगा रखा है। उन्होंने कहा, हालांकि तथ्य ये है कि ये संकट उन बाहरी परिस्थितियों से पैदा हुआ है जो हमारे नियंत्रण से बाहर है।

सोनिया ने अपने तीन पेज के भाषण में बजट में पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क बढा़ये जाने का कोई उल्लेख नहीं करते हुए कहा प्रणव जी कल आपको पहले ही कई नई पहल शुरू करने के बारे में अवगत करा चुके हैं। मुझे यकीन है कि इससे आपको विपक्ष के प्रचार का जवाब देने में मदद मिलेगी।

उन्होंने बजट प्रस्तावों का समर्थन करते हुए कहा हमें बहुत सारे सामाजिक दायित्वों को निभाना है और इसके लिए हमें आवश्यक संसाधन जुटाने हैं। मैं वित्त मंत्री को एक शानदार और संतुलित कार्य के लिए बधाई देती हूं जिसका व्यापक तौर पर स्वागत किया गया है।

उन्होंने कहा खाद्य सुरक्षा अधिकार के साथ ही मैं व्यक्तिगत रूप से महिला आरक्षण विधेयक को भी सर्वोच्च महत्व देती हूं। महिला सशक्तिकरण की अपनी दृष्टि को राजीव गांधी द्वारा पहले पहल उजागर किये जाने के बाद कितने सारे वर्ष बीत गये हैं। इतना लंबा समय लगने के बावजूद यह गौरव की बात है कि हमारी सरकार है जिसने कैबिनेट में इस विधेयक के मसौदे को मंजूरी दी।

बजट पेश किये जाने के दिन विपक्ष के आचरण की कड़ी आलोचना करते हुए सोनिया ने कहा आलोचना मतभेद और चर्चा लोकतंत्र का अंतरंग हिस्सा है लेकिन पिछले सप्ताह विपक्ष ने जिस तरह बजट पेश किये जाने में विघ्न डाला, वह लोकतांत्रिक मानदंडों और परंपराओं के खिलाफ है।

उन्होंने कहा विपक्ष का विघ्नकारी आचरण पूरे राष्ट्र के सामने स्पष्ट है। अगर वे पीछे मुड़कर देखें तो उन्हें आभास होगा कि राजग के छह साल के शासन में विपक्ष की बेंचों पर बैठते हुए हमने सकारात्मक सहयोग दिया था।

कांग्रेस अध्यक्ष ने संसद में पार्टी सदस्यों की कम उपस्थिति पर एक बार फिर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, अपने लगभग सभी संबोधनों में मैं एक और मामला बार बार रखने के लिए बाध्य हुई हूं और वह है उपस्थिति का मामला। नियमित उपस्थिति हमारे आधारभूत कर्तव्य का हिस्सा है। संसदीय प्रक्रियाओं को बैठकर सुनना भी शिक्षा है। समय आ गया है कि कम उपस्थिति के मसले को सदस्य गंभीरता से लें।

उन्होंने पार्टी सांसदों से कहा कि जनता द्वारा शासन चलाने के लिए कांग्रेस में पुन: आस्था प्रकट किये जाने के बाद लगभग नौ महीने बीत चुके हैं और ये महीने किसी भी मायने में आसान नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन महीनों में हमने कई राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना किया। इनमें से सूखे और वैश्विक आर्थिक संकट जैसी समस्याओं ने हमारी परीक्षा ली, इससे हम पार हुए और अपनी प्रतिबद्धता और सामाधान के प्रति मजबूति से खड़े रहे।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा जनता की मुश्किलों के सामधान के लिए सरकार ने प्रोएक्टिव नीति का अनुसरण किया। दोनों सदनों में पिछले सप्ताह इस विषय पर दिन भर की चर्चा हुई। वित्त और कृषि दोनों मंत्रियों ने खाद्य समग्रियों पर मुद्रास्फीति की दर को कम करने के लिए उठाये गये कदमों को विस्तार से बताया।

खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में राज्यों की जिम्मेदारी की बात करते हुए सोनिया ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भी मुख्यमंत्रियों से मुलाकात की और उन्हें उनकी जिम्मदारियां याद दिलाई। राज्य यह सुनिश्चित करें कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली सही ढंग से काम करे और जमाखोरी के खिलाफ जरूरी कारवाई कारगर ढंग से हो।

वामपंथी उग्रवाद को एक बड़ी चुनौती बताते हुए उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रभावित राज्य सरकारों के सहयोग से विकास और कानून एवं व्यवस्था दोनों नजरिये से इस समस्या का समाधान करने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता जाहिर की कि वामपंथी उग्रवाद की समस्या से निपटने के लिए वित्त मंत्री ने समुचित कोष उपलब्ध कराया है।

उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा कोष ने अंतत: एक शक्ल लेनी शुरू कर दी है और शीघ्र ही यह कार्यान्वित हो जायेगा। बजट में बहुत ही मजबूति से कृषि, ग्रामीण विकास और ढांचागत सामाजिक सशक्तिकरण के लिए प्रावधान किये गये हैं। अब से हमारा काम है कि हम यह सुनिश्चित करें कि इन कार्यक्रमों और संप्रग एक के शासन के दौरान शुरू किये गये कार्यक्रमों का लाभ संबंधित लोगों तक पहुंचे।

पुणे और काबुल में हुए आतंकी हमलों की निंदा करते हुए सोनिया ने कहा कि देश के बाहर और देश के भीतर ऐसी शक्तियां हैं जो हमारी जनता को एकता में बांधे रखने वाले सामाजिक सौहार्द को नष्ट करना चाहती हैं। वे हमारी आर्थिक प्रगति में भी बाधा डालना चाहती है। हम ऐसी शक्तियों को शिकस्त देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सोनिया ने भी पेट्रोल-डीजल की बढ़ीं कीमतों को उचित ठहराया