आग की लपटों को चीरकर बच्चे को बचाया! - आग की लपटों को चीरकर बच्चे को बचाया! DA Image
11 दिसंबर, 2019|9:57|IST

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आग की लपटों को चीरकर बच्चे को बचाया!

आग की लपटों को चीरकर बच्चे को बचाया!

दोस्तो, हिम्मत और साहस से हर समस्या आसान हो जाती है। बहादुरी से किसी की जान भी बचाई जा सकती है। इसके लिए जरुरत होती है जज्बे व तुरंत प्रतिक्रिया की। यह काम केवल बड़ी उम्र के लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि हिम्मत व बहादुरी से तुम किशोर भी ऐसा कर सकते हो। तुम्हें बताते हैं कि कैसे दस साल की उम्र के किशोर ने आग की लपटों के बीच से चार साल के नन्हे बच्चे की जान बचाई।

यह बहादुर किशोर है मेघालय का डिजेक्शन सिएम। पश्चिम खासी हिल्स-मेघालय-में 21 जनवरी, 2009 को कुरबाह व उसकी पत्नी अपने तीन बेटों को छोड़ कर बाजार गए थे। दो बच्चे बाहर खेल रहे थे। 4 साल का किशन डोनाल्ड घर के अंदर था। अचानक वहां आग लग गई। घर घास-फूस यानी पुआल से घिरा था, इसलिए वहां आग तेजी से फैल गई। शोर सुन कर 10 साल का डिजेक्शन सिएम पास के घर से बाहर निकला। लपटों को देख कर वह 300 मीटर दौड़ कर घटनास्थल तक पहुंचा। वहां उसने बच्चों के रोने की आवाज सुनी। तब डिजेक्शन लपटों को चीरता घर के अंदर घुसा व पलंग के नीचे किशन डोनाल्ड को देखा। तुरंत डिजेक्शन उसे उठा कर आग को फांद कर सुरक्षित बाहर ले आया। इस प्रयास में डिजेक्शन थकान के कारण बेहोश भी हो गया था। डिजेक्शन के साहस से नन्हे किशन डोनाल्ड का जीवन बच गया था। इस बहादुरी के लिए डिजेक्शन को सबने खूब शाबाशी दी और उसे राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार दिया गया। 

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