सभी ने कहा, नहीं फैलने देंगे अशांति - सभी ने कहा, नहीं फैलने देंगे अशांति DA Image
19 नबम्बर, 2019|11:58|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सभी ने कहा, नहीं फैलने देंगे अशांति

नगर में फैले तनाव को शांत करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन में सभी सम्प्रदायों व दलों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई। बैठक में सभी ने नगर में अमन चैन कायम रखने के लिए प्रशासन को हर संभव सहयोग देने पर सहमति जताई। बैठक में नगर के हर वार्ड में अमन चैन कमेटी का गठन करना भी तय हुआ।  

बुधवार को जिला प्रशासन की पहल पर कोतवाली में अनेक दलों व सम्प्रदायों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई गई। डीएम मोहन चंद्र उप्रेती की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पिछले एक हफ्ते से जो घटनाक्रम चल रहा है वह नगर की सेहत के लिए ठीक नहीं है। वक्ताओं ने कहा कि नगर के बिगड़ते हालात किसी के लिए ठीक नहीं है।

वक्ताओं ने कहा कि धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाय। आपसी झगड़ों को विशेष समुदाय से जोड़ना गलत है। वक्ताओं ने कहा कि बाहर से आने वालों का सत्यापन करने के साथ ही अवैध शराब पर नकेल कसा जाना बेहद जरूरी है।

वक्ताओं ने कहा कि नगर का कौमी गुलदस्ता बनाए रखने के लिए सभी धर्मा के लोगों को प्रयास करने चाहिए। इसके लिए वार्ड ने अमन चैन कमेटी बनाई जाय। जिसमें बुजरुग व प्रत्येक धर्म के लोगों को रखा जाय। वक्ताओं ने कहा कि पुलिस को असामाजिक तत्वों पर नकेल कसे जाने की भी जरूरत है।

बैठक में तय किया गया कि नगर में शांति कायम रखने के लिए अमन चैन कमेटी का गठन किया जाएगा। जिसमें जनप्रतिनिधियों के अलावा धार्मिक संस्थाओं का प्रतिनिधि शामिल रहेगा। इसके अलावा हर वार्ड में भी कमेटी गठित होगी। प्रशासन ने सभी धर्मों व दलों से अपने एक प्रतिनिधि का नाम देने को कहा है ताकि जल्द कमेटी का गठन किया जा सके।

बैठक में एसडीएम पीसी दुम्का, एएसपी अशोक कुमार भट्ट, विधायक तिलकराज बेहड़, पालिकाध्यक्ष मीना शर्मा, व्यापार मंडल अध्यक्ष राकेश डुडैजा, गुरमीत सिंह, वकील अहमद, गौरव खुराना, राजकुमार खनीजो, सुनील खेड़ा, राजेश शुक्ला, नरेश ग्रोवर, नसरीन कुरैशी, मोहम्मद सुल्तान, उमर अली, अफजाल खान, इरशाद अलीसहित अनेक लोग मौजूद रहे।  

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सभी ने कहा, नहीं फैलने देंगे अशांति