मुसलमानों को एक मंच पर आना होगाः मौलाना बुखारी - मुसलमानों को एक मंच पर आना होगाः मौलाना बुखारी DA Image
14 नबम्बर, 2019|6:47|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मुसलमानों को एक मंच पर आना होगाः मौलाना बुखारी

मौलाना अहमद बुखारी ने मंगलवार को कहा कि भारत की आजादी के छह दशकों के बाद अभी भी देश के मुसलमानों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में कोई विशेष प्रगति नहीं हुईं हैं।

दिल्ली जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अहमद बुखारी ने गोरखपुर में आयोजित मुस्लिम मजलिस अमल सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश की राजनीतिक पार्टियों ने मुस्लिम समाज को सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया हैं।

उन्होंने देश के बंटवारे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि बटवारा न हुआ होता तो आज देश के तेइस करोड़ मुसलमान गैर बराबरी का दंश न झेलते। उन्होंने देश को बंटवारे को गहरी राजनीतिक साजिश बताया।

मौलाना बुखारी ने मुस्लिम उलेमाओं से इस समाज को एक मंच पर लाने और संगठित करने का आहवान करते हुए कहा कि अब समय आ गया हैं कि इस समाज पर लगाए जाने वाले लांछनों से उबारा जाएं।

उन्होंने देश में हुई आतंक घटनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि मालेगांव और कानपुर में जो कुछ हुआ वह देश की जनता के सामने हैं।

आई एस आई को दहशतगर्दी फैलाने का जिम्मेदार बताते हुए कहा कि जो लोग जेहाद के नाम पर आतंक फैलाते हैं, वे सच्चे मुसलमान नहीं हैं।

उन्होंने बेगुनाह लोगों को आई एस आई का एजेन्ट बताकर परेशान किए जाने का विभिन्न एजेसिंयों पर आरोप लगाया।

सम्मेलन में आए प्रमुख उलेमाओं ने युवा समाज से शिक्षित होने ओर संगठित होने का आहवान करते हुए कहा कि युवा देश के विकास और मजबूती के लिए आगे आए।

मौलना बुखारी ने मीडिया से कहा कि मुस्लिम समाज को राजनीतिक भागीदारी बढा़ना होगा, क्योंकि इस समाज की शिक्षा और रोजगार की स्थिति में राजनीति भागीदारी से ही प्रगति हो सकेंगी।

 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:मुसलमानों को एक मंच पर आना होगाः मौलाना बुखारी