DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

तीन वर्षो में बिहार की तस्वीर धुंधली: विपक्षं

प्रतिपक्ष की नेता श्रीमती राबड़ी देवी की उपस्थिति और अपने साथी विधायकों की शाबासी के बीच मुख्य विरोधी दल के मुख्य सचेतक रामचन्द्र पूव्रे ने कहा कि नीतीश शासन के तीन वर्षो में बिहार की तस्वीर धुंधली, दागदार और बदनुमा हुई है। नया बिहार बनाने का वादा झूठा साबित हुआ है। राज्य की जमीनी हकीकत है- हत्या, लूट, बलात्कार, घुसखोरी, भ्रष्टाचार और दलितों-पिछड़ों-अकलियतों एवं अन्य कमजोर वर्गो पर सामतों व दबंगों का अत्याचार।ड्ढr ड्ढr इस दौरान माले के उपनेता अरुण सिंह ने भी समानांतर अभिभाषण पढ़ा और राज्यपाल के अभिभाषण को झूठ का पुलिंदा बताते हुए सदस्यों से उसे खारिज करने की अपील की। श्री पूव्रे ने विकास यात्रा को छलावा बताया और कहा कि विज्ञापनों पर अरबों रुपए खर्च कर मंत्रियों के मुस्कराते चेहर दिखाये जा रहे हैं। सूबे से पलायन में हर वर्ष 18 फीसदी की वृद्धि हो रही है। सड़क निर्माण लुटेरों के हाथ में सौंप दिये गये। पंचायती राज को नौकरशाही का दास बना दिया गया। पूरे प्रशासनिक तंत्र को संविदा पर खड़ा कर दिया गया। तीन साल में बीपीएल परिवारों की सूची नहीं बनी। 6 से 28 जिले नक्सलियों की गिरफ्त में आ गये पर सरकार मौन भ्रष्टाचार में लिप्त रही।ड्ढr कोसी की बाढ़ से 50 लाख लोग प्रभावित हुए पर मात्र 5 फीसदी पीड़ितों के बीच ही करोड़ों रुपए के चेक काट दिये गये। नरगा में 1388रोड़ रुपए की जगह मात्र 816 करोड़ रुपए खर्च हुए। इंदिरा आवास योजना के समानान्तर मुख्यमंत्री आवास योजना तो बनी पर जुलाई 2008 तक मात्र 736 घर बने।ड्ढr ड्ढr भूमि सुधार आयोग की सिफारिशें ठंडे बस्ते में डाल दी गई। शिक्षा का बंटाधार हुआ। एक भी अल्पसंख्यक उच्च विद्यालय को मान्यता नहीं दी गई। गरीबों को इलाज के सपने दिखाये जाते रहे और ग्रामीण अस्पताल मृतप्राय हो गये। मुख्यमंत्री उद्योग निवेश में कम अपने व्यक्ितत्व निखारने में व्यस्त रहे। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को नाकाम बना दिया गया। मुख्यमंत्री ने 11 जिलों की बागडोर स्वजातीय डीएम और एसपी को सौंप रखी है।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: तीन वर्षो में बिहार की तस्वीर धुंधली: विपक्षं