ड्रैग फ्लिक के बादशाह हैं सोहेल : ताकेमा - ड्रैग फ्लिक के बादशाह हैं सोहेल : ताकेमा DA Image
11 दिसंबर, 2019|9:38|IST

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ड्रैग फ्लिक के बादशाह हैं सोहेल : ताकेमा

ड्रैग फ्लिक के बादशाह हैं सोहेल : ताकेमा

भारत के खिलाफ पहले मैच में भले ही सोहेल अब्बास अपने रसूख के मुताबिक नहीं खेल पाये हों लेकिन विश्वकप में सर्वाधिक गोल करने का रिकार्ड तोड़ने की दहलीज पर खड़े हालैंड के पेनल्टी कार्नर विशेषज्ञ ताइके ताकेमा उन्हें ड्रैग फ्लिक का बादशाह मानते हैं।

अर्जेंटीना के खिलाफ सोमवार को तीन गोल दागने वाले ताकेमा ने कहा कि भारत के खिलाफ मैच में सोहेल का किस्मत ने साथ नहीं दिया और उसके दो शाट गोलपोस्ट से टकरा गए। लेकिन इससे उसकी काबिलियत कम नहीं होती। वह ड्रैग फ्लिक का बादशाह है और यही वजह है कि दुनिया में सबसे ज्यादा गोल उसके नाम है।

पहले मैच में दो गोल दागने वाले भारतीय ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह के बारे में उन्होंने कहा कि संदीप और सोहेल दोनों डच लीग में खेलते हैं लिहाजा मैं दोनों को जानता हूं। संदीप काफी प्रतिभाशाली है और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ड्रैग फ्लिकर में से हैं। लेकिन मैं किसी की तुलना नहीं कर सकता। मेरी नजर में सोहेल सर्वश्रेष्ठ हैं और आंकडें इसके गवाह हैं।

पिछले विश्व कप में सर्वाधिक 11 गोल दागने वाले ताकेमा के अब टूर्नामेंट में 15 गोल हो गए हैं और वह हाकी के इस महासमर में सर्वाधिक गोल के अपने हमवतन फ्लोरियस जान बोवलेंडर के रिकार्ड से सिर्फ दो गोल पीछे हैं। उन्होंने हालांकि कहा कि रिकार्ड से अधिक टीम की जीत उनके लिये मायने रखती है। हालैंड के लिये 209 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके इस 30 वर्षीय डिफेंडर ने कहा कि रिकार्ड मेरे लिये मायने नहीं रखते। यदि रिकार्ड इतने अहम होते तो मैं टेनिस या गोल्फ खेलता लेकिन हाकी टीम का खेल है लिहाजा जीत सबसे अहम है।

पहले मैच में तीनों पेनल्टी कार्नर को गोल में बदलने वाले ताकेमा ने अपनी कामयाबी का श्रेय कड़ी मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि ड्रैग फ्लिक काफी कठिन तकनीक है और इसमें लगातार सुधार जरूरी है। अपने फन को निखारे बगैर कोई अच्छा ड्रैग फ्लिकर नहीं बन सकता।

विश्वकप में खिताब के प्रबल दावेदारों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई कयास लगाना नामुमकिन है। ताकेमा ने कहा कि अभी सभी टीमों ने एक एक मैच ही खेला है। आस्ट्रेलिया को उलटफेर का शिकार होना पड़ा है जबकि जर्मनी हारते हारते बचा। अभी आगे और उलटफेर होंगे। भारत को मेजबान होने का फायदा मिल रहा है और उसकी चुनौती को अनदेखा नहीं किया जा सकता।

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