'युवा पीढ़ी को उर्दू से जोड़ना बेहद जरूरी' - 'युवा पीढ़ी को उर्दू से जोड़ना बेहद जरूरी' DA Image
10 दिसंबर, 2019|4:11|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

'युवा पीढ़ी को उर्दू से जोड़ना बेहद जरूरी'

भारतीय जुबानों की बढ़ती करीबी का जिक्र करते हुए उर्दू अकादमी दिल्ली द्वारा पुरस्कृत होने वाले उर्दू के रचनाकारों ने कहा है कि अदब के विकास के लिए इक्कीसवीं सदी की युवा पीढ़ी को उर्दू से जोड़ना बेहद जरूरी है और मुशायरे एवं फिल्में इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

उर्दू अकादमी का कुल हिन्द बहादुर शाह जफर अवार्ड हासिल करने वाली प्रो. जमहिदा जैदी ने कहा कि उर्दू में बहुत काम हो रहा है और कई रिसाले निकल रहे हैं। लेकिन सबसे जरूरी है कि इक्कीसवीं सदी की युवा पीढ़ी उर्दू और हिन्दी से बेहतर तरीके से वाकिफ हो। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी स्कूलों के बढ़ते प्रभाव के चलते युवा पीढ़ी भारतीय भाषाओं से दूर हो रही है। केवल पुरस्कारों से मसला हल नहीं होने वाला है बल्कि मुशायरों और फिल्मों के जरिये उर्दू के विकास का काम बेहतर तरीके से किया जा सकता है।

जैदी ने कहा कि फिल्मों में उर्दू के शब्दों का काफी गलत उच्चारण होता है जिनको दुरूस्त करना चाहिए। नायक की तुलना में नायिकाएं गलत उर्दू के शब्दों का अधिक उच्चारण करती है। फिल्में आम आदमी से जुड़ा सबसे बड़ा माध्यम है और सही तरीके से उर्दू बोलने में इसका सबसे बड़ा योगदान हो सकता है। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसा किया जाये कि उर्दू का शौक जौक बन जाये।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:'युवा पीढ़ी को उर्दू से जोड़ना बेहद जरूरी'