बच्चों से ज्यादा अभिभावकों को चाहिए काउंसिलिंग:विशेषज्ञ - बच्चों से ज्यादा अभिभावकों को चाहिए काउंसिलिंग:विशेषज्ञ DA Image
13 नबम्बर, 2019|12:14|IST

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बच्चों से ज्यादा अभिभावकों को चाहिए काउंसिलिंग:विशेषज्ञ

हर बार की तरह इस बार भी बोर्ड परीक्षाओं की तारीख पास आने के साथ ही छात्रों के सिर पर परीक्षा का डर सवार होना शुरू हो गया है। इन दिनों मनोवैज्ञानिकों और काउंसिलरों के पास आने वाले छात्रों की संख्या में भी काफी इजाफा हो गया है। मनोवैज्ञानिक डा. विनय मिश्रा ने बताया कि इस समय उनके पास अधिकतर बच्चों एकाग्रता में कमी और हर समय तनाव की शिकायत लेकर आ रहे हैं। डा. मिश्रा ने कहा इस समय बच्चों में माता-पिता और शिक्षकों दोनों में तनाव काफी बढ़ जाता है।

मेरे पास आने वाले लगभग 80 फीसदी बच्चों इस बात से परेशान हैं कि उनके अभिभावकों ने उनसे बहुत उम्मीद लगा रखी हैं और अगर वे उन पर खरे नहीं उतर सके तो क्या करेंगे। उन्होंने कहा मेरा मानना है कि बच्चों से ज्यादा उनके अभिभावकों को काउंसिलिंग की जरूरत है कि वे अपने बच्चों पर जरूरत से ज्यादा तनाव न लादें। बच्चों को परखें और उस पर विश्वास करें कि वह स्वयं अपना भला-बुरा समझने में सक्षम है।

बाल मनोवैज्ञानिक डा. गुरमीत कौर ने बताया कि अधिकतर बच्चों में इन दिनों टाइम मैनेजमेंट की कमी और याद न रहने की परेशानी की शिकायत आम है। गुरमीत ने बताया आजकल छोटी क्लास के बच्चों भी टाइम मैनेजमेंट की परेशानी से जूझ रहे हैं। बच्चों की शिकायत है कि उनके अभिभावक उन्हें थोड़ा समय भी किसी और काम में नहीं लगाने देते और उन पर पढ़ाई का दबाव रहता है। बच्चों अभिभावकों से भी दूर हो रहे हैं और दोनों पक्षों के बीच संवादहीनता बन रही है।

अभिभावकों को परामर्श देते हुए डॉ़ गुरमीत ने कहा बच्चों की दिनचर्या बनाते समय अभिभावकों को इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए कि बच्चों को कम से कम आधा घंटा टीवी देखने या अपने अभिभावकों के साथ समय बिताने के लिए मिले। परीक्षा के समय उनके मन की बात सुनने के लिए अभिभावकों को समय निकालना जरूरी है। एजुकेशन काउंसलर आसिमा खान का मानना है कि छात्रों पर जरूरत से ज्यादा दबाव उन्हें ऐन परीक्षा के समय विचलित कर सकता है।

आसिमा ने बताया छात्रों पर परीक्षा के दौरान दबाव बढ़ने और आत्महत्या जैसे कदम उठाने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। पिछले एक महीने में लगभग 100 से भी ज्यादा बच्चों और उनके अभिभावक इस संबंध में मुझसे संपर्क कर चुके हैं। उन्होंने बताया बच्चों पर सतत दबाव उन्हें विचलित कर सकता है। कई ऐसे भी मामले आए हैं, जिसमें बच्चा साल भर अच्छी पढ़ाई करता है, लेकिन परीक्षाओं के समय अभिभावकों की अपेक्षाएं उसे तनाव में डाल देती हैं और उसका प्रदर्शन बिगड़ जाता है।

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