लियोंडलबासेल के ऋणदाता ठुकरा सकते हैं रिलायंस की पेशकश - लियोंडलबासेल के ऋणदाता ठुकरा सकते हैं रिलायंस की पेशकश DA Image
10 दिसंबर, 2019|4:12|IST

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लियोंडलबासेल के ऋणदाता ठुकरा सकते हैं रिलायंस की पेशकश

लियोंडलबासेल के ऋणदाता ठुकरा सकते हैं रिलायंस की पेशकश

रिलायंस इंडस्ट्री को हालैंड की खस्ताहाल रसायन कंपनी लियोंडेलबासेल के ऋणदाताओं को पटाना मुश्किल हो सकता है। अमेरिका के एक अखबार की रपट में कहा गया है कि ये ऋणदाता लियोंडेलबासेल के लिए रिलायंस की 14.5 अरब डॉलर की बोली को ठुकरा सकते हैं।

अखबार न्यूयॉर्क पोस्ट की रपट में कहा गया है कि दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी रसायन कंपनी लियोंडल के लिए भारतीय अरबपति मुकेश अंबानी की 14.5 अरब डॉलर की बोली को लियोंडेल को ऋण देने वाली कंपनियों के एक समूह खारिज कर सकता है। रपट के अनुसार इस समूह की अगुवाई निजी इक्विटी निवेश का कारोबार करने वाली अपोलो मैनेजमेंट कंपनी कर रही है।

अखबार ने लियोन ब्लैक द्वारा संस्थापित अपोलो मैनेजमेंट के सूत्रों के हवाले से कहा है कि यह समूह लियोंडेलबासेल पर नियंत्रण की होड़ में रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. को पछाड़ने की स्थिति में पहुंच गया है। अखबार के अनुसार अपोलो समूह की चली तो लियोंडेलबासेल को उसकी कंपनी हेक्सियोन स्पेशालिटी केमिकल्स में मिला दिया जाएगा।

लियोंडेलबासेल खस्ताहाल हो गई है और इसके पुनर्गठन का मामला अमेरिका में दिवालिया कंपनियों के मामलों की सुनवाई करने वाली मेनहट्टन की एक अदालत में चल रही है। अपोलो के नेतृत्व वाला ऋणदाताओं का समूह कंपनी को खुद हथियाना चाहता है। अखबार की रपट के अनुसार मेनहट्टन की अदालत कंपनी को उन्हें देने के बारे में सुनवाई अगले माह करने वाली है।

लियोंडेल बासेल के दुनियाभर में कई संयंत्र हैं। भारी कर्ज में दबी इस कंपनी की अमेरिकी इकाई और यूरोपीय होल्डिंग कंपनियों ने 2009 में अमेरिका में दिवालिया कंपनी कानून के तहत कर्जदारों से संरक्षण की अपली दायर की थी। इस मामले का निपटारा होना बाकी है।

इसी बीच रिलायंस ने गत नवंबर में कंपनी के अधिग्रहण के लिए एक प्रारंभिक प्रस्ताव रख दिया, जिसके तहत वह इस कंपनी में बहुमत वाली हिस्सेदारी लेना चाहती है। मीडिया की रपटों के अनुसार रिलायंस ने अब अपनी बोली एक अरब डॉलर बढा दी है। न्यूयार्क पोस्ट का कहना है कि लियोंडेल के ऋणदाता भारतीय कंपनी की बोली को अब भी काफी कम मान रहे है और अंबानी के लिए इस बोली को बढाने का अब भी समय है। लियोंडल पर अपोलो के अलावा रूसी अरबपति लियानार्द बालावतनिक का भी बकाया है।

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