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वकील हड़ताल पर अदालतों में सन्नाटा

पटना हाईकोर्ट में बुधवार को न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप रहा। वकीलों के न्यायिक कार्य से अलग रहने के कारण अदालतों में सन्नाटा पसरा रहा। अदालतों की कार्य अवधि को घटाकर पहले की तरह बहाल करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट स्थित तीनों अधिवक्ता संघों की समन्वय समिति ने वकीलों से बुधवार को न्यायिक कार्य नहीं करने की अपील की थी। हाईकोर्ट में सवा दस बजे जज अपने-अपने इजलास में गये लेकिन वकीलों के नहीं रहने के कारण वे वापस अपने चैम्बर में चले गए।ड्ढr ड्ढr समन्वय समिति के संयोजक वरीय अधिवक्ता योगेशचन्द्र वर्मा ने बताया कि अदालतों की कार्यअवधि बढ़ाए जाने से हाईकोर्ट के साथ ही मुफस्सिल कोर्ट में काम करने वाले वकीलों को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि निचली अदालतों की कार्य अवधि को बढ़ाने के पूर्व न तो सिविल कोर्ट नियमावली में कोई संशोधन किया गया और न ही अधिवक्ता संघों की राय ली गई। इसके कारण दूर-दराज से आकर मुफस्सिल कोर्ट में काम करने वाले वकीलों के सामने अनेक प्रकार की कठिनाइयां उत्पन्न हो गई। राज्यभर के 80 हजार से अधिक वकीलों की भावना का आदर करते हुए समिति को यह निर्णय लेना पड़ा। श्री वर्मा ने कहा कि विभिन्न जिलों से उन्हें जो जानकारी मिली है उसके आधार पर वे दावे के साथ कह सकते हैं कि वकीलों ने अपनी एकजुटता दिखाते हुए इस कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाया। 24 पार्को के विकास पर खर्च होंगे पंद्रह करोडड़्ढr पटना(हि.ब्यू.)। राज्य सरकार राजधानी के चौबीस पार्को का सौंदर्यीकरण कराएगी। इसके लिए 15 करोड़ रुपए की धनराशि आवंटित की गई है। नगर विकास एवं आवास मंत्री भोला सिंह ने बुधवार को विधान परिषद में केदार नाथ पांडेय के तारांकित प्रश्न के जवाब में यह घोषणा की।ड्ढr प्रश्न के जवाब में मंत्री ने यह भी कहा कि पटना शहर में सरकार 170 पार्को को विकसित करने की योजना बना रही है। मंत्री ने कहा कि कंकड़बाग के हनुमाननगर स्थित एमआईजी कॉलोनी के बीच पार्क विकसित करने के लिए 60 हजार वर्गफुट का एक भूखंड चिह्न्ति किया गया है।ड्ढr ड्ढr मंत्री ने बताया कि पटना में अन्य पार्को के सौंदर्यीकरण के साथ ही एमआईजी कॉलोनी के पार्क को भी विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री नगर विकास योजना के तहत पटना में पार्को के सौंदर्यीकरण के लिए पटना के डीएम को राशि दे दी गई है। इसके पहले पांडेय ने पूछा कि क्या यह सही है कि एमआईजी और एलआईजी कॉलोनी में नागरिकों के घूमने-फिरने के लिए कोई दूसरा पार्क नहीं है। साथ ही यह भी पूछा था कि एमआईजी कॉलोनी के उक्त भूखंड को पार्क की श्रेणी में शामिल करते हुए विकसित करने का विचार रखती।ंं

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