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बांग्लादेश : सेना के टैंकों ने बीडीआर मुख्यालय घेरा

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में सेना के टैंक गुरुवार दोपहर सड़कों पर उतर आए और सीमा प्रहरी बांग्लादेश राइफल्स (बीडीआर) के मुख्यालय की घेराबंदी शुरु कर दी। बीडीआर को सेना की कमान से मुक्त कर स्वतंत्र बनाने और अन्य मांगों को लेकर सैन्य बल में बगावत के दूसरे दिन भी प्रधानमंत्री शेख हसीना की अपील और चेतावनी काम नहीं आई। बीडीआर मुख्यालय के बाहर टैंकों की आड़ से सैनिकों और सामने बीडीआर के बागी जवानों के बीच गुरुवार दोपहर गोलीबारी हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाम सवा चार बजे सेना ने बीडीआर मुख्यालय पर कब्जा लेने की कार्रवाई शुरु कर दी। इससे कुछ देर पहले ही प्रधानमंत्री ने बागी बीडीआर जवानों को चेतावनी दी कि वे तुरंत हथियार डाल दें अन्यथा सरकार को राष्ट्रहित में उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई को मजबूर होना पड़ेगा। हसीना ने उन्हें फिर आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उन्होंने गृहमंत्री शारा खातून के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने का भी वादा किया जो उनके साथ बातचीत कर मुद्दे का हल निकालेगी। प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद बागियों ने बीडीआर मुख्यालय में बुधवार सुबह से बंधक बनाकर रखे गए सेना के कुछ अफसरों और उनके परिजनों को रिहा कर दिया। सेना ने लाउडस्पीकरों से नागरिकों से अपील की कि वे मुख्यालय के तीन किलोमीटर के दायरे में मौजूद अपने मकान छोड़कर दूर चले जाएं। बुधवार के संघर्ष में अज्ञात संख्या में सुरक्षाकर्मी हताहत हुए हैं। गैर आधिकारिक सूत्रों के अनुसार 100 से यादा सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं जिनमें बीडीआर के प्रमुख मेजर जनरल शकील अहमद शामिल हैं। कानून रायमंत्री कामरुल इस्लाम ने कहा कि मृतकों की संख्या 50 के आसपास हो सकती हैं। ढाका के अलावा देश भर में बीडीआर के शिविरों में भी गुरुवार सुबह से ही तनाव व्याप्त दिखा। सिल्हट फेनी, नौगांव, लालमुनीरहाट, सत्खीरा, दिनाजपुर और ठाकुरगांव में अनेक स्थानों पर सुबह फायरिंग और आगजनी की घटनाआें की खबर है। रेड क्रीसेंट की एम्बुलैंसों में गुरुवार को लगभग 50 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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