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निर्यात क्षेत्र को मिला प्रोत्साहन पैकेचा

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने अंतरिम बजट की घोषणाओं के जरिए आम चुनावों में विपक्षियों के आरोपों का जवाब देने की बुनियाद रखी तो वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कमलनाथ ने इस मुहिम को आगे बढ़ाते हुये यूपीए को आम जनता के गले का हार बनने का रोडमैप आगे बढ़ा दिया। कमलनाथ के प्रोत्साहनों से पिछले काफी दिनों से निर्यात क्षेत्र में पड़े नौकरियों के अकाल को दूर करने में मदद मिलेगी। सोची-समझी रणनीति के तहत उन्होंने इस प्रोत्साहन पैकेा के केंद्र में रखा रोगार मूलक उद्योग क्षेत्रों टेक्सटाइल, लेदर, कृषि एवं ग्रामोद्योग उत्पादों और रत्न एवं आभूषण को टेक्सटाइल और लेदर : टेक्सटाइल और लेदर उद्योग क्षेत्रों की प्रोत्साहन स्कीमों के लिए 325 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ये प्रोत्साहन पहली अप्रैल 200े बाद हुये निर्यात पर लागू किया जाएगा। फोकस प्रोडक्ट स्कीम के तहत टेक्िनकल टेक्सटाइल और स्टैपलिंग मशीन को भी शामिल किया गया है। इनके निर्यात पर अब 2.5 फीसदी का अतिरिक्त क्रेडिट लाभ हासिल होगा। रत्न एवं आभूषण क्षेत्र : अब मूल्यवान धातुओं यानी सोना, चांदी और हीर के आयात की सुविधा एसटीसीएल, डायमंड इंडिया, एमएसटीसी, रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद और स्टार ट्रेडिंग हाउसेस भी कर सकेंगे। इसके कार्यान्वयन और निगरानी संबंधी प्रावधान रिार्व बैंक निर्धारित करगा। उद्योग की शिकायतों को ध्यान में रखते हुये वक्र्ड कोरल के आयात पर प्रतिबंध को समाप्त कर दिया गया है। निर्यातमूलक इकाइयों में अब अधिकृत व्यक्ित भी 10 किलो तक का सोना ले जा सकेगा। डायमंड क्षेत्र के लिए गुजरात के सूरत को टाउन ऑफ एक्िसलेंस घोषित किया गया है। कृषि एवं ग्रामोद्योगों को लाभ : कृषि उत्पादों के साथ ही ग्रामीण उद्योगों के उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 3.5 फीसदी के क्रेडिट लाभ को बढ़ाकर पांच फीसदी कर दिया है।

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