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उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में और इजाफा, मुद्रास्फीति 8.56 फीसदी

उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में और इजाफा, मुद्रास्फीति 8.56 फीसदी

चीनी, आलू और दाल की थोक कीमतों में लगातार तेजी के कारण थोकमूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति जनवरी माह में बढ़कर 8.56 फीसदी हो गई जबकि भारतीय रिवर्ज बैंक ने हाल में कहा था कि सामान्य कीमत स्तर में वृद्धि का यह स्तर चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक पहुंचेगा।

दिसंबर, 2009 में मुद्रास्फीति 7.31 फीसदी थी। जनवरी में साल दर साल के आधार पर चीनी 58.96 फीसदी महंगी रही जबकि आलू 53.39 फीसदी और दाल की कीमतों में 45.64 फीसदी इजाफा हुआ।

इसी तरह मसूर की कीमत नौ फीसदी, अरहर छह फीसदी और गेहूं चार फीसदी महंगी हुई है। नाफ्था की कीमत 21 फीसदी बढ़ने से ईंधन सूचकांक में 1.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। फर्नेस आयल में छह फीसदी जबकि बिटूमेन, गैर कोकिंग कोयला और लाईट डीजल आयल में तीऩ-तीन फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने के लिए रिजर्व बैंक ने अपनी तिमाही मौद्रिक समीक्षा में बैंकों की नकद कम करने के लिए उनकी नकदी पर अपना नियंत्रण बढा़ दिया है। केंद्रीय बैंक द्वारा आरक्षित अनुपात यानी सीआरआर में दो चरणों में 0.75 फीसदी बढो़तरी से बैंकों के पास ऋण देने योग्य धन से 36,000 करोड़ रुपये रिजर्व बैंक के पास चला जाएगा।

आरबीआई ने अनुमान जाहिर किया था कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक मुद्रास्फीति बढ़ोतरी 8.5 फीसदी हो जाएगी।

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