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राजहंस की हर रचना समाज से जुड़ी

राजेन्द्र साहित्य परिषद, आनंदशास्त्री राष्ट्रीय हिन्दी विकास संस्थान, सांस्कृतिक सद्भावना मंच एवं राष्ट्रीय चिंतक मंच के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को स्थानीय आईआईबीएम सभागार में पदम्श्री डा. रवीन्द्र राजहंस का नागरिक अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि रवीन्द्र राजहंस की रचनाएं प्ररणादायक हैं। उनकी सभी रचनाओं का अर्थ काफी व्यापक है। डा. राजहंस ने अपनी व्यंगात्मक टिप्पणी से सामाजिक बुराइयों पर प्रहार किया है। राजहंस की हर रचना समाज से जुड़ी है।ड्ढr ड्ढr इस अवसर पर डा. रवीन्द्र राजहंस ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। समारोह में पूर्व कुलपति डा. एस. एन. पी. सिन्हा, डा. अमरनाथ सिन्हा, डा. बलवीर सिंह भसीन, डा. जितेन्द्र सहाय, कवि सत्यनारायण, डा. रामशोभित प्रसाद सिंह, नृपेन्द्रनाथ गुप्त, डा. कुमार इंद्रदेव, डा. नरश पाण्डेय चकोर, जितेन्द्र कुमार मिश्र, जनार्दन द्विवेदी, आचार्य पांचू राम, प्रो. ललिता यादव ने डा. राजहंस के व्यक्ितत्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजितड्ढr पटना (सं.सू.)। दियारा विकास योजना के अन्तर्गत कृषि विभाग द्वारा एक दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक डा. बीएन सहाय ने किया। दियारा के परियोजना पदाधिकारी एसके जयपुरियार ने कहा कि बिहार के कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 11 प्रतिशत क्षेत्र दियारा भूमि है जिसकी क्षमता का पर्याप्त दोहन नहीं हो पा रहा है।ड्ढr ड्ढr इस क्षेत्र में खरीफ मौसम में खेती करना संभव नहीं हो पाता है इसलिए किसान मात्र रबी मौसम की खेती करते हैं। बिहार कृषि विद्यालय, ढोली के पूर्व प्राचार्य डा. राम कुमार सिंह ने किसानों से दियारा क्षेत्र में लगायी जानेवाली सब्जियों के विभिन्न किस्मों के सबंध में चर्चा की। इस मौके पर डा. वीएन सहाय, संतोष कुमार उत्तम, डा. अजय कुमार, वीर बजरंग पाठक, आशुतोष कुमार, मंगत पासवान, शंकर पासवान, जगत कुमार, विनोद प्रसाद, कपिलदेव पासवान, चन्द्रभूषण मिश्र आदि मौजूद थे।

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