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8 अप्रैल, 2020|8:08|IST

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टीम इंडिया को खली भरोसेमंद राहुल द्रविड़ की कमी

टीम इंडिया को खली भरोसेमंद राहुल द्रविड़ की कमी

भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और मुख्य चयनकर्ता के श्रीकांत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज शुरू होने से पहले ही कहा था कि उन्हें मध्यक्रम में टीम इंडिया की दीवार राहुल द्रविड़ के अनुभव की काफी कमी खलेगी और इसका नमूना पहले ही टेस्ट में देखने को मिल गया।

दक्षिण अफ्रीका के पहली घोषित पारी छह विकेट पर 558 रन के जवाब में भारतीय टीम पहली पारी में 233 रन के अंदर सिमट गयी और जिसके बाद मेजबान टीम फालो ऑन खेलने उतरना पड़ा। द्रविड़ के 139 टेस्ट कैरियर में उनहे कभी भी टेस्ट टीम से बाहर नहीं किया गया। द्रविड़ ने 1996 में टेस्ट कैरियर का आगाज किया था और उसके बाद से वह केवल एक मैच में ही नहीं खेल पाये थे क्योंकि 2005 में श्रीलंका के खिलाफ अहमदाबाद टेस्ट में उन्हें पेट की समस्या के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

इससे पहले द्रविड़ ने लगातार 93 मैच खेले थे जिससे वह अपने आगाज के बाद लगातार मैच खेलने वाले खिलाडियों में सबसे आगे हैं। पूर्व कप्तान मोहिंदर अमरनाथ द्रविड़ को नंबर तीन का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज मानते हैं। उन्होंने कहा कि वह निश्चित रूप से भारतीय टीम के तीसरे नंबर के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं। इस नंबर पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता। यह टीम के लिये काफी महत्वपूर्ण स्थान होता है। वह किसी भी गेंदबाज के खिलाफ अपना विकेट बचाये रखते हैं, जिससे दूसरे छोर के बल्लेबाज को भी मदद मिलती है।

द्रविड़ भारत की ओर से तीसरे नंबर पर खेलने वाले सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं और इस स्थान पर उनका औसत 55.71 है। उन्होंने इस स्थान पर 113 टेस्ट में 8970 रन जोडे़ हैं और उनका सर्वाधिक स्कोर 270 रहा है। बांग्लादेश के खिलाफ मीरपुर में दूसरे टेस्ट के दौरान शहादत हुसैन के बाउंसर से द्रविड़ के जबड़े में गंभीर चोट लगी थी और वह अपना 29वां टेस्ट शतक जमाकर 111 रन पर रिटायर्ड हर्ट हो गये थे।

चोट के कारण दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के एक भी मैच में नहीं खेल पायेंगे। उनके मार्च में इंडियन प्रीमियर लीग के तीसरे चरण तक फिट होने की उम्मीद है। दीवार की गैर मौजूदगी टीम इंडिया को काफी भारी पड़ गयी क्योंकि तीसरा नंबर टीम की बल्लेबाजी में काफी अहम स्थान रखता है और ऐसे में अगर टीम का इस स्थान का विशेषज्ञ बल्लेबाज ही चोटिल हो तो परिणाम पर असर पड़ना लाजिमी है।

द्रविड़ 19 विभिन्न जोड़ीदारों के साथ 80 से ज्यादा शतकीय साक्षेदारियां निभा चुके हैं और यह भी एक विश्व रिकार्ड है। इस अनुभवी बल्लेबाज ने 139 टेस्ट मैचों में 53.75 के औसत से 11395 और 339 वनडे में 39.43 के औसत से 10765 रन बनाये हैं। द्रविड़ टेस्ट क्रिकेट में 11,000 रन का आंकड़ा पार करने वाले मास्टर बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे भारतीय और विश्व के पांचवें अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं। द्रविड़ एकमात्र ऐसे अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज हैं, जिन्होंने सभी 10 टेस्ट खेलने वाले देशों के खिलाफ शतक जड़ा है।

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