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चुनाव कार्यक्रम की घोषणा टली

चुनाव आयुक्त नवीन चावला पर एक बार फिर विवादों में हैं। शनिवार को उन्होंने दो दिन की छु़ट्टी ले ली जिससे रविवार को होने वाली चुनाव की घोषणा दो दिन टल गई है। उनके छुट्टी पर जाने से इन अटकलों को बल मिला है कि उन्होंने यह काम कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार को दो दिन की छूट देने के लिए किया है ताकि सरकार अपने पक्ष में विज्ञापन छपवा सके और घोषणाएं कर सके। हालांकि इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी कि चावला ने यह अवकाश किस वजह से लिया। अलबत्ता सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने इस बात का खंडन किया है कि चावला का छुट्टी पर जाने का चुनाव की तारीखों से कोई संबंध है। चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि अब चुनावों की घोषणा चावला के लौटने के बाद होगी। चुनाव आयोग देश में लोकसभा चुनावों के साथ ही सिक्िकम, आंध्र प्रदेश और उड़ीसा के चुनावों की भी घोषणा करेगा। संभावना है कि लोकसभा चुनाव 12 अप्रैल से मई माह के बीच विभिन्न चरणों में हो सकते हैं। गोपालस्वामी चाहते हैं कि चुनाव के कुछ चरण उनके कार्यकाल में संपन्न हो जाए। वह 20 अप्रैल को रिटायर हो रहे हैं। 16 जनवरी को मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा चावला को हटाए जाने की सिफारिश करने के बाद से आयोग में एक असामान्य सी शांति है। गोपालस्वामी के रिटायर होने के बाद उनकी जगह चावला ले सकते हैं। ऐन वक्त पर मची हड़बड़ी आम चुनाव की तारीखों के ऐलान के लिए चंद रो बचे हैं। इसके साथ ही चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी। लेकिन सरकार इससे पहले कुछ खास पदों पर नियुक्ितयों का ऐलान और लोकप्रिय कार्यक्रमों की एकमुश्त घोषणा करने की तैयारी में है। इन घोषणाओं में छह नए आईआईएम भी शामिल हैं। समझा जाता है कि सरकार ने कैबिनेट की बैठक बुलाई है जिसमें समन्वित बाल विकास योजना के लिए 10,000 करोड़ की मंजूरी ली जाएगी। यह योजना यूपीए सरकार के न्यूनतम साझा योजना का अंग रही है। सरकार इस बैठक में 1,114 करोड़ की लागत से छह नए आईआईएम के प्रस्ताव को भी मंजूरी दिलाने की कोशिश में है। इसके अलावा 374 मॉडल कॉलेज और 3,500 मॉडल स्कूल भी संभवत: मंजूरी पाएंगे। नाम गोपनीय रखते हुए संबंधित सरकारी अधिकारियों ने बताया कि कैबिनेट बैठक के लिए 60 प्रस्ताव सूचीबद्ध हैं। कैबिनेट और इसकी समितियों ने पिछले एक सप्ताह में 70 से अधिक प्रस्तावों को मंजूरी दी है जो कि अपने आप में एक रिकॉर्ड है। 31 मार्च को रिटायर हो रहे गृह सचिव मधुकर गुप्ता के उत्तराधिकारी और 20 अप्रैल को रिटायर हो रहे मुख्य चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वामी की जगह चुनाव आयुक्त की भी घोषणा हो सकती है। इसके अलावा कुछ केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के भी नाम आ सकते हैं।

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