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डेफ कल्चरल फेस्टिवल में बच्चों ने लहराया परचम

सिल्की, स्वीटी, नेहा, अतुल को कुदरत ने सुनने की क्षमता नहीं दी है लेकिन उसके हौसले बुलंद है। बच्चों ने दिखा दिया कि विकलांग होने के बावजूद वे किसी से कम नहीं हैं। डांस, ड्रामा व मैजिक सभी विधा में अपनी प्रतिभा दिखायी। 16 साल की सिल्की ने बीमार होने के बावजूद फेस्टिवल में डांस व ड्रामा में अपनी क्षमता से चकित किया। मुंबई में आयोजित ऑल इंडिया कल्चरल फेस्टिवल ऑफ द डेफ में बिहार के इन बच्चों ने तीसरा स्थान पाकर सूबे का नाम रोशन किया है। साथ ही मैजिक शो में बिहार के बच्चों को दूसरा स्थान हासिल हुआ है।ड्ढr ड्ढr 20 से 22 फरवरी तक आयोजित इस फेस्टिवल में भाग लेने के बाद बच्चे वापस आ गए हैं। बिहार एसोसिएशन ऑफ द डेफ की अगुआई में मुंबई गए बच्चों में टीनू कुमार, प्रियंका कुमारी, डॉली, मंटू सिंह, सोनी, आनन्द रंजन, शक्ित गुप्ता शामिल थे। इनके साथ कोच सिस्टर अमूल्या, मैनेजर राजेश कुमार व समाजसेविका किशोरी जडोडिया भी मुंबई गए थे। एसोसिएशन के महासचिव विमलेंदु शेखर झा के मुताबिक बिहारी बच्चों को डांस में तीसरा स्थान मिला। इन बच्चों ने ‘बिहार में शादी’ नाटक का भी मंचन किया। टीम में पांच बच्चे आशादीप स्कूल के हैं।

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