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दावेदारी में कांग्रेस भी पीछे नहीं

भले ही यूपीए के घटक दल कांग्रेस को पांच सीटों से ज्यादा देने को राजी नहीं हों, लेकिन कांग्रेसी नेता ज्यादा से ज्यादा सीटों पर अपनी दावेदारी ठोकने में लगे हैं। पटना में कांग्रेस के नेता इस मामले में भले ही अभी चुप्पी साधे हों, लेकिन दिल्ली में अधिक सीटों पर दावेदारी के लिए दबाव बनाया जा रहा है। बिहार में यूपीए के प्रमुख घटक राजद और लोजपा से छन कर आ रहीं खबरों के अनुसार कांग्रेस को सूबे में पांच सीटें मिल सकती हैं लेकिन प्रदेश कांग्रेस के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार आठ सीटों से कम पर वे लोग मानने वाले नहीं हैं। प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा सीटों की दावेदारी को लेकर दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।ड्ढr ड्ढr बिहार में मधुबनी, सासाराम और औरंगाबाद कांग्रेस की जीती हुई सीटें है। मधुबनी से केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री डा. शकील अहमद, सासाराम से केन्द्रीय सामाजिक अधिकारिता मंत्री मीरा कुमार और औरंगाबाद से निखिल कुमार का फिर चुनाव लड़ना तय है। नालंदा को भी पार्टी अपने ही कोटे में मान रही है। नालंदा से रामस्वरूप प्रसाद जद यू के टिकट से चुनाव जीते थे लेकिन अविश्वास प्रस्ताव पर उन्होंने केन्द्र की यूपीए सरकार के पक्ष में मतदान किया था। अभी उनकी नजदीकियां कांग्रेस के साथ बढ़ी हुई हैं। वैसे नालंदा से पार्टी का टिकट देने के लिए युवा कांग्रेस के कई नेता खड़े हो गए हैं और लगातार आलाकमान को पत्र लिख रहे हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी ने बेगूसराय सीट से भी अपना उम्मीदवार दिया था। इस बार परिसीमन के कारण बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र की भौगोलिक सीमाएं बदली हैं और इस लिहाज से कांग्रेस अपने लिए मुंगेर सीट पर दावा कर रही है। मुंगेर से प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा और पूर्व सांसद राजो सिंह की बहू व महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सुनीला देवी के नाम की चर्चा है। वाल्मीकिनगर एक नया क्षेत्र है और इसपर कांग्रेस की नजर है। महात्मा गांधी से अपने जुड़ाव को साबित करने के लिए कांग्रेस इस सीट पर भी चुनाव लड़ना चाहती है।ड्ढr ड्ढr इस सीट से विजय शंकर दूबे, विश्व मोहन शर्मा और ब्रजेश पांडेय के नाम की चर्चा चल रही है। दूसरी तरफ दिल्ली में पूर्णिया को भी कांग्रेस के कोटे में शामिल करने की मुहिम चल रही है। नेहरू युवा केन्द्र के महानिदेशक शकील अहमद के नाम की चर्चा इस सीट को लेकर है। कांग्रेस विधायक दल के नेता अशोक राम और पूर्व मंत्री अशोक चौधरी दोनों जमुई (सुरक्षित) क्षेत्र से लड़ना चाहते हैं। विधान परिषद में कांग्रेस विधायक दल के नेता महाचंद्र प्रसाद सिंह महाराजगंज से भाग्य आजमाना चाहते हैं और उनके समर्थक इस सीट से हाथ धोने के लिए तैयार नहीं हैं। दिल्ली में जमे पार्टी के कई नेता बक्सर को भी अपनी परम्परागत सीट बता रहे हैं। मुजफ्फरपुर, भागलपुर, अररिया, काराकाट और उाियारपुर सीटों पर भी कांग्रेस में दावा करने वालों की कमी नहीं है। देखना है कि कांग्रेस को चार के बाद कितनी सीटें मिल पाती हैं।

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