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भाषण उद्घाटन का दौर जारी

चुनाव आते ही राष्ट्रीय दलों के नेता भाषण और उद्घाटन का कोई मौका हाथ से जाने देना नहीं चाहते हैं। कार्यक्रम चाहे कोई भी हो उद्घाटन करने के लिए वे तैयार जरूर हो जाते हैं। लोगों को हैरत तब होने लगती है जब ये नेता श्रद्धांजलि सभा तक का उद्घाटन करने लगते हैं। अभी हाल में सहकारिता विभूति माने जाने वाले एक दिवंगत नेता की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। इसका उद्घाटन करने के लिए एक पुरानी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को तो बुलाया ही गया, कार्यक्रम के लिए कई मुख्य और विशिष्ट अतिथि भी तय कर लिए गए। ये सार लोग इसके लिए तैयार भी हो गए। इनके नाम निमंत्रण पत्र पर तो छपे ही अखबारों में भी दिए गए।ड्ढr ड्ढr समेट रहे बोरिया-बिस्तरड्ढr कांग्रेस के कुछ नेता टिकट के लिए दिल्ली में डेरा डाले हुए थे। पहले तो सोचा था कि जब तक सूची फाइनल न हो जाएगी, दिल्ली से लौटेंगे नहीं। लेकिन इनमें से कई सूची जारी होने के पहले ही बोरिया-बिस्तर समेटने लगे हैं। दरअसल पार्टी ने टिकट देने के मामले में नीति तय की है। इसके अनुसार पिछले लोकसभा या विधानसभा चुनाव में जमानत गंवा चुके लोगों को टिकट नहीं मिलेगा। वहां डेरा डाले कई नेता जमानत जब्त करा चुके हैं। अब ऐसे लोग निराश भाव से दिल्ली में हो चुके खर्चो का हिसाब कर रहे हैं। एक नेता जी बोले-इस नीति से कई पदाधिकारियों का भी पत्ता गोल हो जाएगा।ड्ढr मुश्किल से बची इज्जतड्ढr भगवा पार्टी के अध्यक्ष जी की इज्जत मुश्किल से बची। पार्टी कई सीटों के लिए भावी उम्मीदवारों की सूची बना रही थी। अध्यक्ष जी भी एक सीट से दावेदार हैं। पार्टी की परंपरा के अनुसार जिस सीट से अध्यक्ष की दावेदारी होती है, वहां से पार्टी का दूसरा नेता दावेदारी नहीं करता है। लेकिन सूची बनाने वाले यह देखकर चौंक पड़े कि एक नेता ने अध्यक्ष जी की भी सीट पर नजर गड़ा रखी है। मचा हंगामा। ऐसा कैसे संभव है? लोग जुटे। जख्मी दिल भाजपाई भी इस बार अध्यक्ष के समर्थन में खड़े हो गए। आखिरकार वहां से सिर्फ अध्यक्ष की दावेदारी पक्की हुई।ं

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  • Web Title: बाकी सब बकवास