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रंजन यादव जदयू में

लोजपा के उपाध्यक्ष रंजन यादव के जदयू में मिलन समारोह में लालू प्रसाद और रामविलास पासवान वक्ताओं के निशाने पर रहे। यहां तक दोनों को लोकतंत्र के लिए खतरा भी बताया और उनसे सावधान रहने की नसीहत दी। अब तक जदयू के समारोहों में लालू ही निशाने पर होते थे, लेकिन यादव जागरण मंच के इस कार्यक्रम में पासवान पर वक्ताओं की नाराजगी अधिक थी। उन्होंने लालू-पासवान दोस्ती को स्वार्थी मेल और जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला बताया। रंजन यादव ने तो लालू पर यादवों को अनपढ़ रखने और उन्हें मुख्यधारा से अलग करने का आरोप लगाया। समारोह में नीतीश ने विकास कार्यो को चुनाव का मुद्दा बनाने के लिए सूबे की जनता का आभार व्यक्त किया। तो जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव परिवारवाद और वंशवाद को बढ़ावा देने के लिए लालू-पासवान दोनों पर जमकर बरसे। उन्होंने यहां तक कह दिया कि ये लोग नहीं चाहते कि पिछड़ों-दलितों में अब उन जैसा कोई नेता पैदा हो जबकि उनके पूर्ववर्ती लोहिया-कपरूरी नहीं होते तो नीतीश-लालू-पासवान आज यहां तक नहीं पहुंचते। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस बार उनकी ‘चाबी’ छुड़ा दें। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों में आम कार्यकर्ताओं के लिए कोई स्थान नहीं। जबकि जदयू-भाजपा में अपनी मेहनत के बल पर कोई कपरूरी-नीतीश बन सकता है। मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद लोगों से परिवर्तन में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की और कहा जदयू में हर किसी के लिए दरवाजा खुला है। उन्होंने राजधर्म निभाने के अपने वायदे को दोहराया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि जदयू पार्टी नहीं परिवार है, जहां सब मिलकर रहते हैं। समारोह को शिवानंद तिवारी, पूर्व मुख्यमंत्री रामसुन्दर दास, महेन्द्र सहनी, मोनाजिर हसन, ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानू, विद्यासागर निषाद ने भी संबोधित किया। मंच संचालन धर्मेन्द्र प्रसाद ने किया। ं

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