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सांस्कृतिक मेल-जोड़ से मिटेंगी भारत-पाक की दूरियां: अहमद

सांस्कृतिक मेल-जोड़ से मिटेंगी भारत-पाक की दूरियां: अहमद

पाकिस्तानी रंगकर्मी ज़ेन अहमद का मानना है कि भारत-पाकिस्तान के बीच की दूरी खत्म करने के लिए मजबूत इच्छाशक्ति की जरूरत है और यह तभी संभव है जब दोनों ही देशों में मजबूत नेतृत्व हो।

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के भारत रंग महोत्सव में शिरकत करने आए पाकिस्तानी रंगकर्मी ज़ेन अहमद ने कहा कि दोनों देशों के बीच रिश्तों को सुधारने के कुछ प्रयास होते रहे हैं लेकिन अब छोटी कोशिशें काफी नहीं है, बल्कि दूरगामी समाधान की कोशिश से ही इसका हल निकाला जा सकता है।

गौरतलब है कि बीते रविवार को भारत रंग महोत्सव में जेऩ अहमद द्वारा निर्देशित नाटक शंकुतला का मंचन किया गया। उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक स्तर पर ही भारत-पाकिस्तान समस्या का हल निकाला जा सकता है और इसके लिए मीडिया एवं राजनीतिक लोगों को आगे आना चाहिए।

उन्होंने अफसोस जताया कि 60 साल से जितनी बार भी अमन की कोशिश हुई दोनों देशों के अमन परस्त बहुसंख्यक नुमाइंदों को हार का मुंह देखना पड़ा और हर दफा अमन की मुखालफत करने वालों की जीत हुई। यह लोगों की समस्या नहीं है बल्कि राजनीतिक समस्या है, लेकिन इसकी वजह से दोनों देशों के आम लोगों को समस्या का सामना करना पड़ता है।

भारत रंग महोत्सव में उनकी प्रस्तुति के बारे में पूछे जाने पर शकुंतला के निर्देशक अहमद ने कहा कि भारत में नाटकों को ज्यादा बढ़ावा दिया गया है और यहां के दर्शक चीजों को अधिक बारीकी से देखते हैं।

उन्होंने कहा कि इसलिए जरूरी हो जाता है कि अगर आप भारत में नाटक कर रहे हैं तो वह अच्छा हो, तभी लोग उसे पूरे मन से देखने आएंगे और अच्छा लगा तो जी-भरकर दाद भी देंगे। उन्हें बेहद खुशी है कि उनके नाटक को दर्शकों ने बहुत पसंद किया और वह यहां से अच्छी यादें लेकर लौट रहे हैं।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि दोनों ही मुल्कों में हुकुमरान तमाम परेशानियों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए दोनों मुल्कों के दरमियां दूरियां कायम रखना चाहते हैं, जबकि दोनों देशों के लोग आपस में मिलना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में भारतीय टेलीविजन चैनल प्रसारित होते हैं और लोग इनके कार्यक्रमों को बड़े चाव से देखते हैं, जबकि भारत में पाकिस्तान टीवी नहीं देखा जाता। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के युग में टेलीविजन सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अच्छा माध्यम हैं।

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