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नहीं बिक सकती है वक्फ संपत्ति

एक बार यदि कोई संपत्ति का वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकृत हो गई तो फिर उसे बेचने का अधिकार किसी को नहीं है, बशर्ते किसी सक्षम न्यायालय से इस बार में कोई आदेश पारित न हो। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष को वक्फ संपत्ति नहीं होने की घोषणा करने का अधिकार नहीं है। यही नहीं राज्य सरकार किसी भी वक्फ संपत्ति को गैर वक्फ सम्पत्ति घोषित करने का अधिकार बोर्ड के अध्यक्ष को नहीं दे सकती है। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अजय कुमार त्रिपाठी की एकलपीठ ने मो. इस्लामुद्दीन की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। आवेदक के वकील अब्बास हैदर ने अदालत को बताया कि वक्फ संपत्ति को अपंजीकृत करने के लिए आवेदन बिहार राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड को दिया गया था।ड्ढr ड्ढr इसे मंजूर करते बोर्ड ने वक्फ संपत्ति को अपनी पंजी से हटाने का आदेश जारी कर दिया। सुन्नी बोर्ड के आदेश को हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर चुनौती दी गई। अदालत ने वक्फ कानून की धारा 27 एवं 28 पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि एक बार वक्फ संपत्ति को पंजीकृत किए जाने के बाद किसी भी स्थिति में बार्ड को उसे पंजी से हटाने का अधिकार नहीं है। अदालत ने बोर्ड की ओर से जारी आदेश को निरस्त कर दिया।ड्ढr ड्ढr बीपीएससी को पक्ष रखने का आदेशड्ढr पटना (वि.सं.)। 48वीं से 52वीं बीपीएससी के सफल उम्मीदवारों की ओर से दायर एलपीए (अपील) को पटना हाईक ोर्ट ने निष्पादित करते हुए आयोग ओर से दायर अपील में भाग लेने की बात कही है। मंगलवार को कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति चन्द्रमौली कुमार प्रसाद तथा न्यायमूर्ति धरणीधर झा की खंडपीठ ने रोहित कुमार एवं अन्य की ओर से दायर अपील पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। इसके पूर्व आवेदकोें की ओर से अदालत को बताया गया कि सफल उम्मीदवारों का पक्ष जाने बिना हाईकोर्ट की एकलपीठ ने अपना आदेश जारी कर दिया। अदालत ने कहा कि आयोग की ओर से दायर अपील में अर्जी दायर कर अपना पक्ष रखे।

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