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चावला पर 20 मार्च को सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपालस्वामी की सिफारिशों के मद्देनजर चुनाव आयुक्त नवीन चावला को हटाए जाने की मांग संबंधी जनहित याचिका की सुनवाई 20 मार्च को करेगा। मुख्य न्यायाधीश के जी बालाकृष्णन, न्यायमूर्ति पी सदाशिवम और न्यायमूर्ति जे एम पांचाल ने याचिका की यथाशीघ्र सुनवाई का अनुरोध किए जाने के बाद यह तिथि निर्धारित की। याचिकाकर्ता ने सरकार को वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता वाले प्रशासनिक सुधार आयोग की सिफारिशों को लागू करने का निर्देश देने की मांग भी की। मोइली आयोग ने अपनी सिफारिशों में कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और उनके सहयोगियों का चयन पांच सदस्यों वाले कॉलेजियम द्वारा किया जाए। कॉलेजियम में विपक्ष के नेता, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और दो अलग-अलग हाई कोटरे के मुख्य न्यायाधीशों को भी शामिल किया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता यूनाइटेड कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ने यह भी निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों के चयन में केवल भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों को ही नहीं प्रख्यात वकीलों, शिक्षाविदों, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को भी शामिल किया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता ने यह भी दलील दी कि संविधान के अनुच्छेद 324 के उपखंड के प्रावधानों में यह वर्णित है कि चुनाव आयुक्त को केवल मुख्य चुनाव आयुक्त की सिफारिशों पर ही हटाया जा सकता है। आगामी 20 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो रहे गोपालस्वामी ने चावला पर निष्पक्ष नहीं होने और पार्टी विशेष के साथ नजदीकी का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाए जाने की सिफारिश की थी। राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने केंद्र सरकार की सिफारिश पर चावला को हटाए जाने की मुख्य चुनाव आयुक्त की सिफारिशें खारिज कर दी। केंद्र सरकार की दलील है कि मुख्य चुनाव आयुक्त सरकार की अनुशंसा के बिना चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की सिफारिश नहीं कर सकते।ं

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