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श्री विधि अपनायें, ज्यादा फसल पायें

सघनीकरण विधि से धान का उत्पादन कई गुणा बढ़ाया जा सकता है। राज्य में इसके प्रचार-प्रसार और किसानों के प्रशिक्षण के लिए नाबार्ड मदद करगा। नाबार्ड झारखंड के सीजीएम केसी शशिधर ने बुधवार को एसडीसी सभागार में यह बात कही। वे धान की सघन खेती पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे। कार्यक्रम में धान सघनीकरण तकनीक (श्री विधि) से धान की फसल में बढ़ोतरी पर जानकारी दी गयी।ड्ढr परती भूमि विकास समिति के एगिक्यूटिव प्रोग्राम ऑफिसर शरत सिंह ने बताया कि श्री विधि धान लगाने की नयी तकनीक है, जिससे फसल की पैदावार कई गुणा बढ़ जाती है। बताया कि इस विधि में दो किलो बीज से एक एकड़ में धान की उपज की जा सकती है, जबकि परंपरागत खेती में एक एकड़ जमीन में तीस से चालीस किलो बीज की जरूरत होती है।ड्ढr बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के डायरक्टर रिसर्च बीएन सिंह ने शंकर धान के लिए भी इस विधि को अच्छा बताया। परती भूमि विकास समिति नई दिल्ली के विरन लोबो ने पठारी क्षेत्र में श्रीविधि तकनीक के साथ सिंचाई पर भी जोर दिया। तमिलनाडु के डॉ टी एम थायगराजन ने बताया कि श्री विधि अपनाने के बाद तमिलनाडु भारत का दूसरा सबसे बड़ा चावल उत्पादक राज्य बन गया है।ड्ढr दूसर सत्र में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आये किसानों ने श्री विधि से धान उत्पादन में बढ़ोतरी की जानकारी दी। एके बसु और सिन्नी के गणेश नीलम ने भी मौके पर विचार रखे। कार्यक्रम में बास्क्िस, प्रदान, एनएफएसएम, केाीवीके उषा मार्टिन आदि संगठनों ने भी श्रीविधि को लेकर धान उत्पादन की जानकारी दी।

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