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6 अप्रैल, 2020|8:32|IST

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वैज्ञानिकों ने लाल ग्रह पर खोजीं प्राचीन झीलें

वैज्ञानिकों ने लाल ग्रह पर खोजीं प्राचीन झीलें

भारतीय मूल के एक वैज्ञानिक के नेतृत्व में ब्रिटेन के एक दल ने मंगल पर प्राचीन झीलें खोजने का दावा किया है जिससे पता चल पाएगा कि क्या कभी लाल ग्रह पर जीवन था।

इम्पीरियल कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों ने मंगल की भूमध्य रेखा के समीप करीब 30 किमी चौड़ी झीलों का पता लगाया है। ये झीलें अलास्का और साइबेरिया में पाई जाने वाली झीलों जैसी ही हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, उन्होंने मार्स रिकोनाइसेन्स आर्बिटर से मिली तस्वीरों की फॉरेन्सिक जांच के बाद इन झीलों का पता लगाया है।

इससे पहले अनुसंधानकर्ता मानते थे कि झीलें केवल बर्फ हैं। लेकिन इस दल ने पाया कि झीलें नदियों और सहायक नदियों से जुड़ी थीं। इससे पता चलता है कि वहां पानी बहता रहा होगा और अगर ऐसा था तो वहां जीवन भी रहा होगा।

द डेली टेलीग्राफ के अनुसार, झीलें करीब तीन अरब साल पुरानी हैं और इनकी उत्पत्ति भूमध्य रेखा के आसपास पाए जाने वाले ज्वालामुखी की गतिविधियों की वजह से हुई होगी। प्रमुख वैज्ञानिक संजीव गुप्ता ने बताया कि नई खोज से यह पता लगाया जा सकेगा कि क्या कभी मंगल पर जीवन था।

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