DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भारतीय टेस्ट टीम, धोनी व गंभीर रहे नंबर वन

भारतीय टेस्ट टीम, धोनी व गंभीर रहे नंबर वन

वर्ष के अंत में हुए कोटला कांड को छोड़ दिया जाए तो 2009 टेस्ट और वनडे के लिहाज से भारत के लिए शानदार साल रहा। भारत की टेस्ट टीम ने नम्बर वन का ताज पहना तो कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी एकदिवसीय मैचों में और धुरंधर ओपनर गौतम गंभीर टेस्ट में नम्बर एक बल्लेबाज रहे।

भारत ने दिसम्बर के शुरू में श्रीलंका को तीन टेस्टों की सीरीज में 2-0 से हराकर दक्षिण अफ्रीका से नम्बर एक का सिंहासन छीन लिया। भारत ने पिछले 14 महीनों में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और श्रीलंका जैसी मजबूत टीमों को एक के बाद एक हराते हुए यह कामयाबी हासिल की।

टेस्ट टीम के नम्बर एक रहने के अलावा कप्तान धोनी अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के वार्षिक पुरस्कार समारोह में वर्ष के सर्वश्रेष्ठ एकदिवसीय खिलाड़ी चुने गए। धोनी को इसके साथ ही आईसीसी की विश्व टेस्ट और एकदिवसीय टीमों का कप्तान भी घोषित किया गया। धोनी 2009 में वनडे में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे। धोनी पूरे वर्ष आईसीसी की वनडे रैंकिंग में भी नम्बर वन बल्लेबाज रहे। बाएं हाथ के बल्लेबाज गंभीर भी आईसीसी की टेस्ट रैंकिंग में नम्बर वन बल्लेबाज हैं। उन्हें आईसीसी पुरस्कारों वर्ष का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट खिलाड़ी घोषित किया गया।

धोनी सचिन तेंदुलकर और गंभीर को आईसीसी की टेस्ट एकादश में शामिल किया गया जबकि धोनी वीरेन्दर सहवाग और युवराज सिंह को आईसीसी की एकदिवसीय टीम में जगह मिली। टीम इंडिया 2009 में अपराजित रहने वाली एकमात्र टीम रही। उसने छह टेस्टों में से तीन जीते और तीन ड्रॉ रखे। भारत के मुकाबले अन्य टीमों को देखा जाए तो नम्बर एक ताज गंवाने वाले दक्षिण अफ्रीका ने छह टेस्टों में से एक जीता और चार हारे। दक्षिण अफ्रीका को साल के अंत में इंग्लैंड से डरबन में दूसरे टेस्ट में एक पारी और 98 रन से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा।

दक्षिण अफ्रीका की इस शर्मनाक हार का मतलब है कि भारत की नम्बर एक पोजीशन को फिलहाल कोई खतरा नहीं है। यदि दक्षिण अफ्रीका इंग्लैंड से चार मैचों की यह सीरीज 2-0 से जीतता तो वह फिर नम्बर एक बन सकता था। लेकिन दूसरा टेस्ट हारने के बाद यह मौका उसके हाथ से निकल चुका है। टेस्ट रैंकिगं में तीसरे नम्बर की टीम ऑस्ट्रेलिया ने 13 टेस्टों में से सात जीते और तीन हारे। इंग्लैंड ने 14 टेस्टों में से पांच जीते और दो हारे। श्रीलंका ने 11 टेस्टों में से पांच जीते और दो हारे। न्यूजीलैंड ने आठ टेस्टों में से एक जीता और चार हारे। पाकिस्तान की भी यही स्थिति रही। उसने नौ टेस्टों में एक जीता और चार हारे। वेस्ट इंडीज ने 12 टेस्टों में एक जीता और छह हारे। बांग्लादेश ने तीन टेस्टों में दो जीते और एक हारा।

जबर्दस्त फार्म में खेल रहे गंभीर इस वर्ष आईसीसी के टेस्ट प्लेयर आफ द ईयर रहे। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए पांच मैचों में 90.87 के बेहद प्रभावशाली औसत से 727 रन बनाए हैं। जिनमें चार शतक और एक अर्धशतक शामिल है। राहुल द्रविड़ छह मैचों में 747 रन बनाकर उनसे कुछ कदम आगे रहे। द्रविड़ के खाते में दो शतक और पांच अर्धशतक रहे। सहवाग ने छह मैचों में 631 रन बनाए और 293 रन की यादगार पारी खेली। सचिन ने छह मैचों में दो शतकों और तीन अर्धशतकों की बदौलत 541 रन बनाए।

वीवीएस लक्ष्मण के खाते में छह मैचों में 471 रन रहे। कप्तान धोनी ने पांच मैचों में 369 रन बनाए। बल्लेबाजी में इस वर्ष श्रीलंका का दबदबा रहा। वर्ष के टॉप सात बल्लेबाजों में चार श्रीलंका के हैं। तिलन समरवीरा 1234 रन बनाकर चोटी पर हैं। माहेला जयवर्धने 1194 रन के साथ दूसरे, तिलकरत्ने दिलशान 1097 के साथ पांचवें और कुमार संगकारा 1083 रन के साथ छठे स्थान पर रहे। इंग्लैंड के एंड्रयू स्ट्रॉस 1172 रन के साथ तीसरे स्थान पर हैं और ऑस्ट्रेलिया के साइमन कैटिच 1111 रन बनाकर चौथे स्थान पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के माइकल क्लार्क 1042 रन बनाकर सातवें स्थान पर हैं। इस साल आफ स्पिनर हरभजन सिंह छह मैचों में 29 विकेट लेकर सर्वश्रेष्ठ भारतीय गेंदबाज रहे। जहीर खान इतने ही मैचों में 23 विकेट के साथ भारतीयों में दूसरे स्थान पर रहे।
गेंदबाजी में आस्ट्रेलिया के आलराउंडर बनते जा रहे मिचेल जानसन 13 मैचों में 63 विकेट के साथ चोटी पर रहे जबकि इंग्लैंड के आफ स्पिनर ग्रीम स्वान 12 मैचों में 54 विकेट के साथ दूसरे तथा इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड 14 मैचों में 47 विकेट के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

ऑस्ट्रेलिया के पीटर सिडल 12 मैचों में 45 विकेट के साथ चौथे स्थान पर हैं। करिश्माई आफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन के फार्म में इस साल काफी गिरावट आई और वह आठ मैचों में सिर्फ 26 विकेट ही ले पाए और वह अपने अंतिम भारतीय दौरे में निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए अपने 800 विकेट पूरे करने से आठ विकेट दूर रह गए।

वर्ष 2009 में मास्टर ब्लास्टर सचिन ने कई अदभुत कीर्तिमान अपने नाम किए। सचिन ने इसी वर्ष 13 हजार टेस्ट रन पूरे करने के साथ साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 30 हजार रन भी पूरे कर लिए। उन्होंने साथ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने गौरवशाली बीस वर्ष भी पूरे किए। सहवाग ने श्रीलंका के खिलाफ 293 रन की जबर्दस्त पारी खेली थी और वह मात्र सात रन से अपना तीसरा तिहरा शतक बनाने से चूक गए थे।       

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:भारतीय टेस्ट टीम, धोनी व गंभीर रहे नंबर वन