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सरकार ने बृजलाल पर फिर जताया भरोसा

प्रदेश की कानून व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी फिर से एडीजी बृजलाल को सौंप दी गई है। चार माह पहले एडीजी कानून व्यवस्था पश्चिम बनाए गए आईपीएस एके जैन को अब एडीजी रेलवे का पदभार सौंपा गया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने अचानक डीजीपी व अन्य अफसरों को तलब कर यह फैसला सुनाया।

माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने यह फैसला लखनऊ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में बिगड़ी कानून व्यवस्था के मद्देनजर किया है। गृह सचिव महेश गुप्ता से मिली जानकारी के मुताबिक एटीएस का चार्ज भी श्री जैन से लेकर वापस एडीजी बृजलाल को दे दिया गया है।

श्री जैन ने गुरुवार को ही रेलवे के एडीजी का चार्ज भी ले लिया। रेलवे में तैनात डीजी आरएस ढिल्लन को अब एंटी करप्शन की जिम्मेदारी दी गई है। सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री पिछले कुछ समय से पुलिस महकमे में बिगड़े आपसी तालमेल की सूचनाओं से आहत थीं। यह स्थिति यूपी की कानून व्यवस्था को दो हिस्सों में बाँटने के बाद से पैदा हुई थी।

आईपीएस बृजलाल को एसटीएफ के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी मिली थी जबकि श्री जैन लखनऊ के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था देख रहे थे। सूत्र बताते हैं कि इस व्यवस्था में अधिकारी दो हिस्सों में बँटने लगे थे। गुटबाजी का प्रभाव कानून व्यवस्था पर भी पड़ रहा था। लखनऊ में मुख्यमंत्री निवास के पास ही हेड कांस्टेबल की हत्या करके कारबाइन लूट ली गई। इस मामले को अब तक खोला नहीं जा सका है।

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