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क्रिकेट मैचों की बढ़ती संख्या चिंता की बात: लोर्गट

क्रिकेट मैचों की बढ़ती संख्या चिंता की बात: लोर्गट

आईसीसी क्रिकेट मैचों की बढ़ती संख्या से चिंतित है लेकिन इसके सीईओ हारून लोर्गट ने कहा कि अगर बोर्ड अपनी द्विपक्षीय सीरीजों से अधिक से अधिक मैच शामिल करने का फैसला करते हैं तो वैश्विक संस्था इस मामले में कुछ नहीं कर सकती।

लोर्गट ने कहा कि क्रिकेट मैचों की संख्या के प्रबंधन की जिम्मेदारी सामूहिक तौर पर आईसीसी, सदस्य बोर्ड और खिलाड़ियों पर है तथा सही संतुलन ढूंढना चुनौती है। लोर्गट ने कहा कि यह सही है कि खिलाड़ी आजकल अधिक क्रिकेट खेल रहे हैं और यह सही है कि हमें क्रिकेट मैचों की संख्या पर चिंता करने की जरूरत है और इसकी जिम्मेदारी हम सभी, आईसीसी, सदस्य बोर्डो और खिलाड़ियों पर भी है।

उन्होंने कहा कि प्रशासकों को कार्यक्रम की जानकारी होनी चाहिए। मेरे नजर में यह सामूहिक जिम्मेदारी है क्योंकि मैचों की संख्या के प्रबंधन में सभी का हाथ है। देश द्विपक्षीय तौर पर सीरीज तय करते हैं और वह 10, पांच या तीन एकदिवसीय के अलावा पांच टेस्ट मैचों का आयोजन कर सकते हैं। वे इसे कम भी कर सकते हैं। इस बारे में आईसीसी कुछ नहीं कर सकता।

लोर्गट ने कहा कि खेल के तीनों प्रारूपों के बीच संतुलन स्थापित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि तीनों प्रारूप जरूरी हैं लेकिन कार्यक्रम तय करते वक्त हमें ध्यान में रखना चाहिए कि हम सभी प्रारूपों के बीच सही संतुलन बनाकर चलें। यह पूछने पर कि क्या आईसीसी लुभावनी इंडियन प्रीमियर लीग के लिए खिलाड़ियों के राष्ट्रीय प्रतिबद्धता से पीछे हटने के ताजा चलन से भी चिंतित है, लोर्गट ने कहा कि ऐसी धारणा पूरी तरह से सच नहीं है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वह अपनी सर्वश्रेष्ठ फिटनेस में रहें और वह आईपीएल में नहीं खेलना चाहते जिससे कि अहम टेस्ट सीरीज की तैयारी कर सकें।

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  • Web Title:क्रिकेट मैचों की बढ़ती संख्या चिंता की बात: लोर्गट