अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बांग्लादेश में भारत पर भारी पड़ती है तीसरी टीम

बांग्लादेश में भारत पर भारी पड़ती है तीसरी टीम

भारतीय क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ उसकी सरजमीं पर भले ही बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन इस पड़ोसी देश की धरती पर किसी अन्य देश की टीम भारत पर भारी पड़ती रही है। इस लिहाज से महेंद्र सिंह धोनी और उनके साथियों को चार जनवरी से मीरपुर में होने वाली त्रिकोणीय सीरीज में श्रीलंका के खिलाफ सतर्क होकर खेलना होगा।

भारत ने हाल में श्रीलंका को द्विपक्षीय वनडे सीरीज में 3-1 से हराया था लेकिन कुमार संगकारा की टीम घायल शेर की तरह बदला लेने के लिये तैयार है। दूसरी तरफ सकीबुल हसन जैसे अनुभवी और बेजोड़ आलराउंडर के नेतत्व में बांग्लादेश भी उलटफेर करने में सक्षम है जिससे 13 जनवरी तक चलने वाली इस सीरीज के काफी रोमांचक होने की संभावना है।

वर्ष 2009 में एकदिवसीय और टेस्ट दोनों में नंबर एक की कुर्सी तक पहुंचने वाली भारतीय टीम नए साल का आगाज शानदार तरीके से करना चाहेगी। भारत का हाल का रिकार्ड बहुत अच्छा रहा है और यदि पिछले साल चैंपियन्स ट्रॉफी और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज को छोड़ दिया जाए तो उसने हर सीरीज में जीत दर्ज की।यही नहीं बांग्लादेश की सरजमीं पर भारतीय रिकार्ड भी अच्छा रहा है। यहां उसने अब तक जो 27 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं उनमें से 18 में उसे जीत और आठ मैच में हार मिली। लेकिन धोनी की टीम को यह नहीं भूलना होगा कि जिन आठ मैच में अभी तक भारत को मात मिली है, उनमें से सात में उसे बांग्लादेश ने नहीं बल्कि किसी तीसरी टीम ने हराया है।बांग्लादेश में तीन या इससे अधिक टीमों वाले टूर्नामेंट में भारतीय प्रदर्शन की बात की जाए तो पिछले 12 साल से भारत ने यहां अकेले कोई खिताब नहीं जीता है।

उसने 1998 में मोहम्मद अजहरूददीन की कप्तानी में सिल्वर जुबली इंडिपेंडेस कप के फाइनल में पाकिस्तान को एक गंेद शेष रहते हुए तीन विकेट से हराया था। यह वही मैच था जिसमें सौरव गांगुली ने पारी का आगाज करते हुए 124 रन की बेहतरीन पारी खेली थी। भारत ने इससे पहले 1988 में बांग्लादेश में एशिया कप जीता था। भारत ने इसके बाद बांग्लादेश में अक्तूबर 1998 में विल्स इंटरनेशनल कप में भाग लिया था जिसके सेमीफाइनल में वह वेस्टइंडीज से हार गया था। वह इसके बाद दो साल बाद 2000 में यहां एशिया कप जीतने में भी नाकाम रहा था। इसी टूर्नामेंट के दौरान भारत और श्रीलंका के बीच ढाका में मैच खेला गया था। इन दोनों टीमों के बीच बांग्लादेश में अब तक खेले गए इस एकमात्र मैच में श्रीलंका ने सनथ जयसूर्या के शतक की बदौलत 71 रन से जीत दर्ज की थी।

भारत और दक्षिण अफ्रीका 2003 में टीवीएस कप में संयुक्त विजेता बने थे जबकि 2008 में त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में भारतीय टीम पाकिस्तान से हार गई थी। भारत के लिये अच्छी खबर यह है कि इस बार सभी मैच शेरे बांग्ला नेशनल स्टेडियम मीरपुर में खेले जाएंगे जहां उसने अभी तक पांच में से चार मैच में जीत दर्ज की है। उसने इसी मैदान पर हालांकि पाकिस्तान से 25 रन से किटप्लाई कप का फाइनल गंवाया था।धोनी की टीम इस बार पांच जनवरी को श्रीलंका के खिलाफ दिन रात्रि मैच से अपने अभियान की शुरुआत करेगी। भारतीय टीम इसके बाद सात और 11 जनवरी को बांग्लादेश जबकि इस बीच दस जनवरी को श्रीलंका से भिड़ेगी। फाइनल 13 जनवरी को होगा।      

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बांग्लादेश में भारत पर भारी पड़ती है तीसरी टीम