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निवेश से भरेगी झोली

लगता है कि 2010 निवेशकों के मन से मंदी की छाया निकालने में कामयाब रह सकता है। इस साल जहां सरकारी कंपनियों के आईपीओ की झड़ी लगेगी वहीं बीमा कंपनियां भी शेयर बाजार का मुहं देखने को तैयार हो रही हैं। साथ ही सरकार भी बीमा कंपनियों में विदेशी निवेश सीमा को बढ़ाने का इरादा लगभग पक्का ही करती लग रही है।
निवेशकों के लिए बेहतर वर्ष : चाहे लोगों का निवेश शेयर बाजार में हो या न हो लेकिन इसका चढ़ना-गिरना सभी के जेहन में चलता है। अगर कोई बड़ी अनहोनी नहीं होती है तो निवेशकों के लिए यह साल अच्छा जाएगा। इस साल आईपीओ ला सकने वाली करीब 60 सरकारी कंपनियों में से कई शेयर बाजार में दस्तक देंगी। आमतौर पर लोगों का भरोसा सरकारी कंपनियों में अधिक रहता है। ऐसे में इनके आईपीओ की झड़ी से पूरे साल निवेशक भीगते रहेंगे। अगर आधी कंपनियां भी आईपीओ लेकर आ जाती हैं तो कम से कम 25 हजार करोड़ रुपए के निवेश का मौका लोगों के हाथ में होगा। ऐसा नहीं है कि इस हलचल से निजी कंपनियां दूर रहेंगी। कई कंपनियों ने अपने विस्तार योजनाएं बना रखी हैं। पीएसयू आईपीओ के गति पकड़ते ही निजी कंपनियां भी इस लाइन में खड़ी दिखेंगी। कुल मिला कर वर्ष 2010 आईपीओ का वर्ष रहेगा, जो शेयर बाजार को भी आगे बढ़ाने में मदद करेगा। म्यूचुअल फण्ड से जुड़ेंगे लोग : निवेशकों के हित में बनते नियमों ने म्यूचुअल फण्ड क्षेत्र को रोचक बनाया है। अब जितने पैसे का निवेश उतने पैसे की यूनिट एलाट। सुनने में बात सरल लगती है लेकिन इससे निवेशकों का रिटर्न काफी बढ़ा है। बीएसई और एनएसई ने शेयर की तरह म्यूचुअल फण्ड में निवेश का रास्ता खोला है। इसके चलते वर्ष 2010 म्यूचुअल फण्ड दूर दराज के लोगों के जुड़ने का वर्ष बनने को बेताब है। यह बदलाव और पुख्ता होगा। इसका फायदा जैसे ही छोटे शहरों के लोगों को मिलेगा निवेशकों की संख्या में वित्तीय बाजार अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिलेगी। 
बीमा क्षेत्र का होगा बीमा : बीमा क्षेत्र फिलहाल सामान्य गति से बढ़ रहा है। इस व्यवसाय में कंपनियों को काफी पूंजी की जरूरत पड़ती है। उम्मीद है कि सरकार बीमा संशोधन बिल इस साल पास करेगी होगा। ऐसा होते ही हजारों करोड़ रुपए का विदेशी निवेश इस क्षेत्र में तुरंत आएगा। जब तक ऐसा नहीं होता तब तक बीमा कंपनियां अपने आईपीओ लाकर भरपाई करेंगी। इन कंपनियों की राह आसान बनाने के लिए बीमा नियामक प्राधिकरण और सेबी ने कुछ नियम सरल किए हैं। वर्ष 2010 बीमा कंपनियों के आईपीओ की शुरुआत का साल बनने वाला है।
सोना-चांदी : नए साल में सोना चांदी का निवेशकों का सहारा बना रहेगा। आशा है कि यह 18 से 20 हजार का स्तर देख सकता है। वैसे भी जब से सरकार ने आईएमएफ से 200 टन सोना खरीदा है इसके भाव लगातार बढ़ रहे हैं। उम्मीद है कि सरकार 2010 में भी सोने की अपने लिए खरीद करेगी। हालांकि मंदी ने सोने के जेवरों से लोगों का ध्यान हटा दिया था लेकिन अब फिर से विदेशों से देश में बने सोने के जेवरों की मांग  निकलने लगी है। पिछले कुछ माह से इसमें तेजी दिखी है।

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