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सस्ती दर पर आटे की जोरदार मांग: हारुन

आटा कीमतों में तेजी से लोगों को राहत पहुंचाने के लिए बाजार से काफी कम दाम पर इसे बेचने की दिल्ली सरकार की योजना को जनता का खूब समर्थन मिल रहा है। इस योजना के तहत दस किलो की आटा थैली की रोजाना मांग 60 हजार तक पहुंच गई है।

 दिल्ली के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री हारुन युसूफ ने कहा कि बाजार में आटा की कीमतों में उछाल को देखते हुए जनता को राहत पहुंचाने के लिए 21 नवम्बर को यह योजना शुरु की थी। उन्होंने कहा कि अब तक 10 किलो भार की 12 लाख से अधिक थैलियां बेची जा चुकी हैं। पिछले दो दिनों में रोजाना बिक्री 60 हजार थैलियों तक पहुंच गई है।
 
युसूफ ने कहा कि बाजार में विभिन्न ब्रांडों की आटा थैलियों की कीमत 200 से लेकर 220 रुपए के बीच है जबकि सरकार लोगों को 139 रुपए पर दस किलो की थैली उपलब्ध करा रही है। आटे की गुणवत्ता की जांच के लिए वह उन मिलों का जहां इस योजना के तहत आटा तैयार किया जा रहा है। औचक निरीक्षण भी कर रहे हैं।
 
उन्होंने कहा कि शुरु में केन्द्रीय भंडार की 84 शाखाओं और 40 खाद्य आपूर्ति अधिकारियों के कार्यालय से सस्ता आटा बेचने की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा 13 नेशनल कंज्यूमर कोआपरेटिव स्टोर से इसका प्रबंध किया गया। शुरु में कुछ दिक्कतें हुई लेकिन अब यह योजना जनता में खूब लोकप्रिय हो रही है।
 
सरकार ने अधिक स्थानों से आटे की बिक्री के लिए प्रत्येक विधायक से विधानसभा क्षेत्र में तीन ऐसे स्थान सुझाने के लिए कहा था जहां बिक्री शुरु की जा सके। विधायकों के स्थानों को चिन्हित करने के बाद कल से 200 और स्थानों पर सस्ता आटा मिलना शुरु हो गया है। इस प्रकार अब कुल 335 केन्द्रों से सस्ता आटा बेचा जा रहा है। युसूफ ने कहा कि केन्द्रीय भंडार की 84 शाखाओं से कल छह हजार और कंज्यूमर स्टोर से 3500 थैली आटा बेचा गया।

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