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पूविवि: छात्रों की फीस वापसी में घोटाला करने का आरोप

समाज कल्याण विभाग की लापरवाही से वीर बहादुर सिंह पूर्वाचल विश्वविद्यालय के अनुसूचित जाति के पंद्रह छात्रों की फीस वापसी का 3 लाख 75 हजार रुपये घोटाले की भेंट चढ़ जाने का आरोप है। छात्र दो वर्षो से जिलाधिकारी कार्यालय से लेकर पूर्वाचल विश्वविद्यालय का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन इन छात्रों को पैसा मिलने को दूर, सही जवाब भी नहीं मिल रहा है।

छात्रों ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों पर घोटाला करने का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की है। ऐसे ही न जाने कितने छात्र समाज कल्याण विभाग की लापरवाहियों के चलते छात्रवृत्ति व अन्य योजनाओं का लाभ पाने से वंचित हो जाते हैं। न जाने क्यों इन खामियों को जानते हुए भी जिला प्रशासन के आला अफसर खामोशी की चादर ओढ़े हुए हैं।

जानकारी के अनुसार, शासनादेश के मुताबिक अनुसूचित जाति के छात्रों की फीस वापस किये जाने की योजना है। पूर्वाचल विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसी योजना के तहत अपने माइक्रो बायोलाजी, बायो टेक्नोलाजी, इन्वायरोमेंट व बायो कमेस्ट्री के 42 छात्रों की सूची 9 जनवरी 08 को जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुसूचित जाति, जनजाति को भेजी थी।

पत्र भेजते हुए कुलसचिव डॉ. बी.एल. आर्य ने कहा कि, इन छात्रों के वार्षिक शिक्षण एवं छात्रवास शुल्क के साथ-साथ छात्रवृत्ति शुल्क तत्काल भेजा जाये, ताकि उन्हें यह पैसा प्रदान किया जा सके। सूची मिलने के बाद तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी ने वर्ष 2007-08 के 27 छात्रों को शिक्षण शुल्क की वापसी का भुगतान कर दिया।

शेष 15 छात्रों को सिर्फ छात्रवृत्ति ही दी गयी। शिक्षण शुल्क वापस नहीं किया गया। कई दिन बीत जाने के बाद छात्रों न कुलसचिव से मिलकर पुन: रिमाइंडर भेजने की मांग की। कुलसचिव ने 13 जनवरी 2009 को पुन: जिला समाज कल्याण अधिकारी को छात्रों के शिक्षण शुल्क वापसी के लिए पत्र लिखा, लेकिन आज तक कुमारी पूनम सूर्या, सुरेंद्र कन्नौजिया, सुधीर रंजन, शैलेंद्र गौतम, अनिरुद्ध कुमार, भागीरथी, दिलीप कुमार, प्रदीप कुमार राव, सुरेश कुमार भारती, संदीप भारती, अमलदार राम, संजय कन्नौजिया, योगेंद्र कुमार, मनीष चंद्र, अखिलेश कुमार को फीस वापसी का पैसा नहीं मिला।

प्रति छात्र 25 हजार रुपये की दर से 3 लाख 75 हजार रुपया इन छात्रों को मिलना था। छात्र सैकड़ों बार समाज कल्याण विभाग के चक्कर काटकर जब थक गये तो एडीएम हुबलाल से मिले। उन्होंने भी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। एडीएम ने पुराना मामला होने की बात कहकर विभाग को लापरवाह बताया। छात्रों ने जिलाधिकारी से मिलकर शिकायत की कि फीस वापसी के पैसे का घोटाला कर दिया गया।

इस संबंध में मौजूदा समाज कल्याण अधिकारी आर.के. सिंह ने कहा कि, उन्हें इसकी जानकारी है, लेकिन इन छात्रों को पैसा मिल पाना मुश्किल है। वह निदेशालय को पत्र भेजकर यह पता करवाएंगे कि इन छात्रों का फीस वापसी का पैसा आया था कि नहीं।

विभाग के अधिकारी कुछ भी कहें, लेकिन जिस तरह से यह पढ़े-लिखे छात्र अपने पैसे के लिए दर-दर भटक रहे हैं, उससे साफ जाहिर है कि कहीं न कहीं इस फीस वापसी के पैसे में गड़बड़झाला जरूर है। छात्रों से जब बात की गयी तो उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि, उनका पैसा आया था लेकिन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने उसमें घोटाला कर दिया।

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  • Web Title:पूविवि: छात्रों की फीस वापसी में घोटाला करने का आरोप