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बलिया में दो करोड़ गटक गये अपात्र पेंशनर

जिले में विधवा पेंशन में घपलेबाजी की परत दर परत उखड़ने लगी है। दूसरी बार की जांच में भी अबतक एक हजार 734 अपात्र मिल चुके हैं। पिछले तीन सालों में उक्त पेंशनरों ने करीब एक करोड़ 87 लाख रुपये हजम किये हैं। इनमें विभिन्न कारणों से अपात्र तो हैं ही, कुछ ऐसे भी हैं, जिन्हें जांच रिपोर्ट में ‘पता नहीं’ लिखा गया है। खास बात यह है कि अब भी करीब 30 फीसदी जांच रिपोर्ट आनी शेष है। जिलाधिकारी के बार-बार के निर्देश के बावजूदतीन माह बाद भी विभाग को पूरी सत्यापन रिपोर्ट नहीं प्राप्त हो सकी है।

डीएम ने अक्टूबर में जिले के सभी पेंशनरों के पुन:सत्यापन का काम शुरू कराया। इस काम के लिए जनपद के 92 अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गयी। अधिकारियों की मिली रिपोर्ट की मानें तो जिले में अबतक दूसरी बार की जांच में एक हजार 734 विधवा पेंशनर अपात्र व मृतक पाये गये हैं। जांच के दौरान सबसे अधिक मुरलीछपरा ब्लाक में 320 अपात्र पेंशनर मिले हैं।

इसके अलावा बैरिया में 300, नवानगर में 250, मनियर में 156, नगरा में 126, रसड़ा में 104, बांसडीह में 96, सीयर में 88, गड़वार में 53, रेवती में 27, बेरुआरबारी में 60, दुबहड़ में 16, सोहांव में 54, चिलकहर में 21 तथा हनुमानगंज ब्लाक में 63 अपात्र, मृतक व ‘पता नहीं’ पाये गये हैं। जांच अधिकारियों की रिपोर्ट को देखें तो 750 ऐसे पेंशनर हैं जिनके सत्यापन में केवल ‘पता नहीं’ लिखा है।

सत्यापन का काम किस गति से चल रहा है और अधिकारी इसे कितनी गंभीरता से ले रहे हैं इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि डीएम के बार-बार निर्देश के बावजूद तीन माह बाद भी पूरी रिपोर्ट विभाग को नहीं मिली है।

इस संबंध में जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात रंजन राय ने स्वीकार किया कि जांच रिपोर्ट में मिले अपात्र कम से कम तीन साल पुराने पेंशनर हैं। उनके मुताबिक हर साल एक पेंशनर को तीन हजार 600 रुपये दिये जाते हैं। इस प्रकार दूसरी बार की जांच में मिले 1734 अपात्रों ने कुल एक करोड़ 87 लाख 27 हजार 200 रुपये हजम किये हैं।

उन्होंने बताया कि करीब 30 फीसदी जांच अभी भी विभाग को प्राप्त नहीं हुई है। अब तक मिली रिपोर्ट में 125 मृतक, 856 अपात्र व 750 पता नहीं मिले हैं। प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि ‘पता नहीं’ वाले पेंशनरों के लिए डीएम की अनुमति से संबंधित ब्लाकों पर कैम्प लगाकर सत्यापन की कार्रवाई की जायेगी। शेष अपात्र पेंशनरों से रिकवरी व उनकी पेंशन निरस्तीकरण की कार्रवाई की जायेगी।

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