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इस बार पुराने पैटर्न से ही होगी सिविल सेवा परीक्षा

इस बार पुराने पैटर्न से ही होगी सिविल सेवा परीक्षा

सिविल सेवा परीक्षा के पैटर्न में इस बार बदलाव नहीं हो रहा है। केंद्र सरकार ने पुराने पैटर्न पर ही 2010 की प्रवेश परीक्षा कराने का फैसला किया है। इसके लिए यूपीएससी को निर्देश जारी कर दिए गए हैं तथा सिविल सेवा के 965 पदों के लिए 2 जनवरी को सूचना प्रकाशित की जा रही है।

केंद्र ने यूपीएससी द्वारा प्रस्तावित बदलावों को जल्दबाजी में लागू नहीं करने का फैसला किया है। लेकिन कार्मिक मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि यूपीएससी के प्रस्ताव को खारिज नहीं किया गया है बल्कि उन पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है तथा अगली परीक्षा संभवत नए पैटर्न से ही होगी।

यूपीएससी के प्रस्ताव के मुताबिक प्रारंभिक परीक्षा में मौजूदा वैकल्पिक प्रश्न पत्र को हटाकर उसके स्थान पर एप्टीट्यूड टेस्ट का प्रश्न पत्र शामिल किया जाए। इसी प्रकार मुख्य परीक्षा से भी दोनों वैकल्पिक प्रश्न पत्र हटाए जाने का सुझाव था।

प्रस्तावित परीक्षा प्रणाली की महत्वपूर्ण बात यह थी कि उसमें परीक्षा में बैठने वाले सभी छात्रों को एक ही टेस्ट से गुजरना था जबकि अभी दोनों चरणों की परीक्षा में स्टुडेंट के पास वैकल्पिक प्रश्न पत्र चुनने का मौका होता है। एक अधिकारी के अनुसार मौजूदा पैटर्न में आईआईटी और मेडिकल और डिग्रीधारी ज्यादा बाजी मार रहे हैं क्योंकि वे साइंस के वैकल्पिक विषय चुनकर ज्यादा अंक हासिल कर लेते हैं। फिर वैकल्पिक विषय में ज्यादा अंक प्रदान किए जाते हैं। जबकि समाजशास्त्र जैसे विषयों के छात्र कम अंक हासिल कर पाते हैं।

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