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हवा हुई राठौर की हंसी

रुचिका गिरहोत्र मामले में अपनी गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए पूर्व डीजीपी एस.पी.एस. राठौर ने बुधवार को स्थानीय जिला एवं सत्र अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दी। लेकिन कोर्ट ने उन्हें तत्काल राहत देने से इंकार कर दिया।

इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने बुधवार को दिल्ली में रुचिका का केस लड़ने वाले वकील पंकज भारद्वाज से बात की। इस दौरान राठौर के खिलाफ नए सिरे से मामले खोलने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। उधर, राठौर के खिलाफ दायर दो नई प्राथामिकियों में उन पर लगाए गए आरोपों की जांच के लिए हरियाणा सरकार ने सात सदस्यीय समिति गठित कर दी है।

पुलिस महानिरीक्षक शत्रुजीत कपूर की अध्यक्षता में गठित इस समिति में पंचकूला जिले के पुलिस प्रमुख मनीष चौधरी को भी शामिल किया गया है। रुचिका मामले के तूल पकड़ने के बाद राठौर पहली बार बुधवार को घर से बाहर निकले और सीधे पंचकूला की अदालत पहुंचे। राठौर के हावभाव उस दिन के हावभाव से काफी जुदा थे, जब 21 दिसम्बर को उसे इस मामले में महज छह महीने की जेल की सजा सुनाए जाने के बाद जमानत दे दी गई थी।

कोर्ट से बाहर निकलते समय इस बार उनके चेहरे पर मुस्कान नहीं थी और वह सवालों से बचते हुए पत्नी के साथ निकल गए। हालांकि राठौर ने मीडिया को आड़े हाथों लेते हुए कहा, ‘न्यायिक मामलों में संवैधानिक शक्ति के रूप में जब आप मुङो संतुष्ट कर दें उस दिन मैं आपसे (मीडिया से) बातचीत करूंगा।’

इसस पहले, अग्रिम जमानत अर्जी पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एस.पी. सिंह ने राठौर के वकील से कहा कि वह अगली सुनवाई पर सभी दस्तावेज अदालत को सौंपे। अगली सुनवाई एक जनवरी को होगी।

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