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रणजी खेलने की खातिर किया था छात्र का अपहरण

अपने पड़ोसी के अपहरण से लाखों के वारे-न्यारे और रणजी टीम में शामिल होने की ख्वाहिश में शातिर युवकों ने डीपीएस के छात्र को किडनैप करने का प्लान तैयार किया। इस कारण ही उसकी हत्या करने के बाद भी उनमें पैसे एंठने की चाहत बरकरार रही और झूठ का सहारा लेकर अजरुद्दीन के परिजनों को झांसी बुलाया।

अगर, अपहर्ताओं ने उसके मोबाइल का सिम नहीं बदला होता तो शायद हत्या का राज आगे भी राज ही होता।
पढ़ाई के साथ साथ खेल में भी अव्वल, अजरुद्दीन टेबल टेनिस और ताइक्वांडो का खिलाड़ी था। आफताब ने एक

सवाल के जवाब में कहा कि उसका दोस्त मनोज, रणजी प्लेयर बनना चाहता था। इसके लिए पैसे जुटाने की चाहत में दोनों ने मिलकर किडनैपिंग की साजिश रची। एमबीए और बीएससी के छात्रों ने अपने शातिर दिमाग का इसमें इस्तेमाल किया और फिरौती के लिए कॉल करने की जिम्मेवारी दूसरे साथियों को सौँप दी, जिन्हें अजरुद्दीन के घरवाले आवाज से नहीं पहचान सकें।

अधिकतर कॉलें अजरुद्दीन के मोबाइल से ही की गईं, लेकिन जैसे ही अपहर्ताओं ने कॉल के लिए दूसरी सिम का इस्तेमाल किया, उन्हें पकड़ना आसान हो गया और वह पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

अजरुद्दीन के पिता अख्तर ने बताया कि उनका बेटा निहायत शरीफ था। उसकी हत्या करने वालों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए।

 

 

 

 

 

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