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बिना रजिस्ट्रेशन दौड़ रहीं फायरब्रिगेड की गाड़ियां

अग्निशमन विभाग की तीन गाड़ियां पिछले दो वर्ष से बिना रजिस्ट्रेशन के नोएडा, ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर दौड़ रही हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि विभाग की सलाह पर जिन गाड़ियों को ग्रेनो अथॉरिटी ने खरीदा है, उसका रजिस्ट्रेशन पूरे एनसीआर में होता ही नहीं है।

ऐसे में गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए अथॉरिटी और फायरविभाग को पसीने छूटे रहे हैं। निजी वाहनों को सड़क पर उतारने के एक सप्ताह बाद रजिस्ट्रेशन न कराने पर परिवहन विभाग 5 प्रतिशत टैक्स की पेनल्टी ठोक देता है। लेकिन यदि सरकारी विभाग गलती करे तो उस पर कोई कारवाई नहीं होती है।

ग्रेटर नोएडा में बड़ी संख्या में देशी-विदेशी कंपनियों की सुरक्षा को देखते हुए आग से निपटने के लिए अथॉरिटी ने ग्रेनो फायरविभाग से प्रस्ताव मांगा था। विभाग ने बिना सोचे-समझे यूरो टू की गाड़ियों का प्रस्ताव भेज दिया।

7 जनवरी 08 को विभाग की सलाह पर करीब एक करोड़ रुपए कीमत की चार गाड़ियां खरीद ली। इनमें (फॉमटेंडर, वाटरवाउजर, वाटर टेंडर) तीन गाड़ियां यूरो-2 श्रेणी की हैं। तीनों गाड़ियां पिछले दो वर्ष से अस्थाई नंबर वऊठ-008-3241, वऊठ-008-0648, वऊठ-008-0725 पर दौड़ रही हैं। ऐसे में यदि कोई हादसा हो जाए तो कौन जिम्मेदार होगा। परिवहन विभाग के मुताबिक यूरो- 2 श्रेणी की गाड़ियों का पूरे एनसीआर में कहीं रजिस्ट्रेशन नहीं होता है।

इस बारे में मुख्य अगिनशमन अधिकारी महावीर सिंह का कहना है कि जिस दौरान ग्रेनो अथॉरिटी ने वाहन दिया था उस दौरान मेरी तैनाती यहां नहीं थी। ऐसे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। विभाग को दी गई गाड़ियां ग्रेनो के फायर अफसर एसके कुशवाहा की सलाह पर मंगाई गई थी ऐसे में पूरी जिम्मेदारी उनकी है। मामला संज्ञान में आने पर ग्रेनो अथॉरिटी और शासन को पत्र लिखकर गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन कराने का अनुरोध किया है।

 

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