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बिहार विधान परिषद के पूर्व सदस्यों का मिलन समारोह

बिहार विधान परिषद के सभापति तारांकात झा ने परिषद के पूर्व सदस्यों के अनुभव को राज्य और समाज के लिए बहुत उपयोगी बताया है। झा ने आज यहां परिषद की कबीर वाटिका में विधान परिषद के पूर्व सदस्यों के मिलन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि देश में पुराने सदस्यों का मिलन समारोह अभी तक कहीं आयोजित नहीं हो सका है और बिहार में पहली बार इस तरह का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व सदस्यों के अनुभव राज्य और समाज के लिए बहुत ही उपयोगी है। 


 उन्होंने कहा कि आज के इस मिलन समारोह में उपस्थित सभी पूर्व सदस्यों से परिषद का शताब्दी समारोह किस प्रकार मनाया जाए इस पर विचार विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 12 मार्च 2012 को परिषद की स्थापना के सौ साल पूरे हो जाएंगे और पुराने सदस्यों के बगैर यह समारोह सफल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जितने भी पुराने सदस्य है उनका जीवन परिचय और तस्वीर इकट्टी की जा रही है।

 झा ने कहा कि परिषद के सौ वषरे की कार्यवाही को डिजिटल के माध्यम से इसे सुरक्षित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यवाही को डिजिटल किए जाने से इसे तीन सौ साल तक संरक्षित रखा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इसी तरह बिहार के स्वतंत्रता संघर्ष का इतिहास भी एक जगह नहीं है और इसे भी संकलित करने की दिशा में कार्य किए जा रहे है।

 इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री और परिषद के सदस्य रहे डा. जगन्नाथ मिश्र, कमलनाथ सिंह ठाकुर, पद्माशा झा पी.के.सिन्हा, इन्द्र कुमार, विजय शंकर मिश्र, गणेश शंकर विद्यार्थी, चन्द्रमा सिंह, आजाद गांधी, नागेन्द्र प्रसाद सिंह और वसी अहमद समेत कई अन्य ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

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