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पत्नी अपने पति को प्रतिमाह दे दस हजार रुपये

पत्नी अपने पति को प्रतिमाह दे दस हजार रुपये

सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में कमाऊ पत्नी को मुकदमें के खर्चे के रूप में अपने बेरोजगार पति को दस हजार रुपए देने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी की अध्यक्षता वाली पीठ ने वादी इनेस मिरांडा की याचिका के स्थानांतरण संबंधी अर्जी का निपटारा करते हुए यह आदेश दिया। याचिका में मिरांडा ने अपने बेरोजगार पति संतोष के. स्वामी द्वारा पारिवारिक न्यायालय चेन्नई में दायर याचिका को बेंगलुरू के परिवार न्यायालय में स्थानांतरित करने के लिए अनुरोध किया था।

मिरांडा ने अपने पति के खिलाफ हिंसात्मक व्यवहार का आरोप लगाते हुए पहले ही तलाक के लिए बेंगलुरू परिवार न्यायालय में आवेदन कर रखा था। उसने याचिका में कहा था कि उसके पति ने उसे मानसिक रूप से परेशान करने के लिए ही परिवार न्यायालय चेन्नई में याचिका दाखिल की। याचिका में उसने कहा कि उसका पति कोई काम नहीं करता और पूरी तरह से बेरोजगार है। उसके हिंसात्मक रवैए के कारण मजबूरन उसे घर छोडना पडा। इन दोनों की शादी नौ जून 2003 में हुई थी और 14 फरवरी 2006 को एक पुत्री का जन्म हुआ। मिरांडा ने अपने पति के खिलाफ बेंगलुरू में घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत मुकदमा भी दायर कर रखा है।

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