class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सफलता उबाऊ है, विफलता है रोमांचक: अनुपम खेर

सफलता उबाऊ है, विफलता है रोमांचक: अनुपम खेर

प्रख्यात अभिनेता अनुपम खेर अपनी विफलताओं को अपनी जबरदस्त सफलताओं के रूप में देखते हैं। उनके जीवन की विफलताओं को दिखाने वाले उनके बहुप्रशंसित नाटक 'कुछ भी हो सकता है' का अगले महीने 2००वां मंचन होगा। अनुपम का कहना है सफलता की कहानियों की अपेक्षा असफलताएं अधिक मनोरंजक हैं। अनुपम कहते हैं, ''सफलता उबाऊ है.. असफलता रोमांचक और ज्यादा मनोरंजक होती है।''

फिरोज अब्बास खान निर्देशित अनुपम खेर के आत्मकथात्मक शैली के एकल अभिनय वाले नाटक का तीन जनवरी को यहां नेशनल सेंटर फॉर परफार्मिग आर्ट्स (एनसीपीए) में 200 वां प्रदर्शन होगा।

अभिनेता से एक मशहूर प्रकाशक ने अपनी यादों को कलमबद्ध करने को कहा था और जब अनुपम अपनी किताब के लिए सामग्री इकट्ठी कर रहे थे तभी उन्होंने अपने जीवन की कुछ रोचक घटनाओं पर एक नाटक मंचित करने का निर्णय लिया।

अनुपम ने कहा, ''हार्पर कोलिन्स ने मुझे 'इच्छा पत्र' देकर मुझसे कहा था कि वे चाहते हैं कि मैं अपनी आत्मकथा लिखूं। जब मैं इसके लिए अपने जीवन की घटनाओं को दोबारा इकट्ठा कर रहा था तो मैंने केवल उन घटनाओं को चुना जो मेरे जीवन में महत्वपूर्ण थीं और जिनके बाद मेरा जीवन बदल गया। मैंने इन घटनाओं को लिखने की बजाए इन पर केंद्रित नाटक प्रस्तुत करने का निर्णय लिया।''

अभिनेता ने बताया कि इस नाटक की अवधि चार घंटा थी लेकिन उन्होंने इसे ढाई घंटे की अवधि में समेटा है । इसके अलावा उन्होंने इसमें करीब 100 किरदार निभाए हैं। जून 2003 में इस नाटक को पहली बार मंचित किया गया था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सफलता उबाऊ है, विफलता है रोमांचक: अनुपम खेर