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निवेश का बेहतर विकल्प साबित हुआ सोना

सोना निवेश का सबसे अच्छा विकल्प है। इस साल वैश्विक मंदी के दौर में भी यह बात एक बार फिर साबित हुई। मंदी के दौर में रिटर्न की दृष्टि से देखा जाए, तो 2009 में सोने ने 25 से 30 प्रतिशत के आसपास का रिटर्न दिया है।

हालांकि, पूरे साल सोने की कीमतों में इतना उतार-चढ़ाव रहा कि बाजार में आने को लेकर ग्राहकों में असमंजस बना रहा। गौरतलब है कि इस साल जनवरी में सोने की कीमत 13,000 रुपये प्रति दस ग्राम से अधिक के स्तर पर थीं। जबकि फिलहाल सोने का भाव 17,000 रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर पर चल रहा है। इसी साल 26 नवंबर को सोना 18,000 एपये प्रति दस ग्राम के स्तर को पार कर गया था।

कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच देश में सोने के आयात में भी काफी गिरावट का रुख देखने को मिला है। बंबई बुलियन एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश हुंडिया का मानना है कि इस साल सोने का आयात 370 टन के आसपास सिमट जाएगा, जो पिछले एक दशक का सबसे कम आयात होगा। 

एसोसिएशन के मुताबिक पिछले साल 2008 में देश में सोने का आयात 410 टन रहा था, जबकि 2007 में देश में 750 टन सोने का आयात हुआ था। देश में पिछले आठ-दस साल से सोने का आयात 700 से 800 टन के बीच रहा है। लेकिन पिछले साल इसमें गिरावट आई और अब इसमें और कमी आने का अनुमान है। इस साल के पहले नौ महीनों में जनवरी से सितंबर तक आयात 144. 7 टन रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद सोना निवेश का सबसे बेहतर विकल्प बना हुआ है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के एक अधिकारी के अनुसार, पिछले दस साल के दौरान सोने ने हमेशा 20-25 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। इस साल भी कमोबेश यही स्थिति बनी हुई है। आल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार जैन ने कहा कि निवेश के लिए सोना इस बार भी बेहतर विकल्प साबित हुआ है। कीमतों में उतार-चढ़ाव के लिए दिल्ली के जूलर्स सोने के वायदा कारोबार को जिम्मेदार मानते हैं। दिल्ली के जूलर्स जगदीश नागी कहते हैं कि पूरे साल सोने में जो उतार-चढ़ाव रहा, उससे सर्राफा कारोबारिश्यों का कारोबार प्रभावित हुआ।


बेशक पूरे साल सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहा, लेकिन इसके बावजूद अक्टूबर के दौरान त्यौहारी सीजन में मूल्य के हिसाब से सोने की बिक्री में 39 फीसद का इजाफा हुआ। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, त्यौहारी सीजन में 56 टन सोने की बिक्री हुई, जो मूल्य के हिसाब से 8,904 करोड़ रुपये बैठती है। मात्रा के हिसाब से त्यौहारी सीजन में सोने की बिक्री में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 5. 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। यहां गौर करने वाली बात यह है दिवाली पर सोने का भाव 16,000 रुपये प्रति दस ग्राम से अधिक चल रहा था।

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