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हिमाचलः रैगिंग से मौत, भाजपा की चिंतन बैठक सुर्खियां बनीं

हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2009 में मेडिकल के एक छात्र की रैगिंग में मौत और भाजपा की उस चिन्तन बैठक ने देश का ध्यान आकर्षित किया जिसमें पार्टी ने वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह को दरवाजा दिखा दिया।

कांगड़ा जिले में आठ मार्च को डा राजेन्द्र प्रसाद शासकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के प्रथम वर्ष के छात्र अमन काचरू की, चार वरिष्ठ छात्रों द्वारा ली गई रैगिंग के कारण आई गहरी चोटों की वजह से मौत हो गई। यह घटना लगभग साल भर सुर्खियों में रही। रैगिंग की घटनाएं लारेन्स स्थित सनावर स्कूल, शिमला के सेंट एडवर्ड स्कूल, सोलन के आयुर्वेदिक कॉलेज और बिलासपुर के एक सरकारी कॉलेज में भी हुई। इसके बाद हिमाचल प्रदेश सरकार ने पहले तो रैगिंग निरोधक अध्यादेश जारी किया और अगस्त में राज्य विधानसभा में एक अधिनियम बनाया जिसमें रैगिंग रोकने के लिए कड़े प्रावधान हैं।

राजनीतिक मोर्चे पर शिमला में 19 से 21 अगस्त तक हुई भाजपा की चिन्तन बैठक खबरों में रही। बैठक की शुरूआत पार्टी के वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह के निष्कासन से हुई। कारण था, सिंह की किताब जिन्नाः इंडिया, पार्टिशन, इंडिपेन्डेन्स में उनकी टिप्पणियां।
 भाजपा नेतृत्व पर 71 वर्षीय सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें गलत कारणों से निकाला गया।

राज्य ने जलवायु परिवर्तन और वनों पर हिमालयी प्रदेशों जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, अरूणाचल प्रदेश और सिक्किम के मुख्यमंत्रियों की बैठक 29, 30 अक्टूबर को बुलाई। दो दिवसीय बैठक के समापन पर केंद्रीय पर्यावरण एवं वन राज्य मंत्री जयराम रमेश ने पर्यावरण सुरक्षा के लिए कारगर तरीके से काम करने वाले राज्यों को शिमला घोषणापत्र के तहत ग्रीन बोनस देने का ऐलान किया।

घरेलू मोर्चे पर हिमाचल प्रदेश में भाजपा सरकार ने लोकसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया और सात नवंबर को विधानसभा उपचुनाव में रोहरू सीट कांग्रेस से छीन ली। रोहरू को कांग्रेस का गढ़ माना जाता था। पहाड़ी राज्य में चार में से तीन लोकसभा सीटें जीत कर भाजपा ने न केवल अपनी ताकत बढ़ाई बल्कि मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल का कद भी उंचा हुआ।

भाजपा के लिए वर्ष 2009 जहां महत्वपूर्ण साबित हुआ वहीं कांग्रेस इस साल कलह से उबर नहीं पाई। शिमला में रोहरू, कांगड़ा में जवली विधानसभा उपचुनाव के टिकट वितरण तथा दिसंबर में शिमला नगर निगम के महापौर और उप महापौर के लिए टिकट वितरण सहित कई मुद्दों पर केंद्रीय इस्पात मंत्री वीरभद्र सिंह और विपक्ष की नेता विद्या स्टोक्स के बीच जम कर टकराव हुआ।
 

पांच बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके सिंह के नौ करीबी समर्थकों को रोहरू उपचुनाव में कांग्रेस की हार के बाद कारण बताओ नोटिस मिला। उनके करीबी सहायक हरीश जनार्था एसएमसी के उप महापौर पद के लिए अधिकत उम्मीदवार सुधीर चौधरी की पिटाई करने के कारण पार्टी से निकाल दिए गए। भ्रष्टाचार के एक पुराने मामले में सिंह और उनकी पूर्व सांसद पत्नी प्रतिभा सिंह के खिलाफ राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक प्राथमिकी भी दर्ज की।

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