DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

माओवादी हिंसा से थर्राए झारखंड ने देखा कोड़ा घोटाला

झारखंड में वर्ष 2009 में माओवादियों ने एक पुलिस अधिकारी का निर्ममतापूर्वक सिर काट कर दहशत फैलाई तो पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तारी से लोग हैरत में रह गए। राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हुआ और विधानसभा चुनावों में खंडित जनादेश मिला।

राज्य में 2009 की शुरुआत राजनीतिक अस्थिरता से हुई। राज्य विधानसभा में प्रवेश में नाकामी के कारण झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन को मुख्यमंत्री पद छोडना पड़ा। तीन जनवरी को हुए उपचुनाव में तमाड़ सीट से सोरेन को उनके ही एक परिजन ने हरा दिया।

सोरेन के इस्तीफे के बाद पांचवीं सरकार बनाने के लिए किसी भी गठबंधन ने दावा नहीं किया और राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया। साल के आखिर में राज्य में विधानसभा चुनाव हुए लेकिन किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला। भाजपा के सहयोग से झामुमो ने नई सरकार बनाई। शिबू सोरेन ने एक बार फिर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली।
   
राज्य में इस साल माओवादी हिंसा भी चरम पर रही। नक्सलियों ने विशेष शाखा के पुलिस अधिकारी फ्रांसिस इंदुवार का अक्टूबर में अपहरण कर निर्ममतापूर्वक उनका सर काट डाला। इसकी देश भर में तीखी प्रतिक्रिया हुई और आतंरिक सुरक्षा के लिए बढ़ते खतरे से निपटने के लिए केंद्र ने कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
   
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को 2000 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार मामले में कथित संलिप्तता के कारण गिरफ्तार किया गया। घोटाले की जांच के सिलसिले में आयकर अधिकारियों ने देश भर में कोड़ा तथा उनके सहायकों के आवासों पर छापे मारे।

प्रवर्तन निदेशालय, सतर्कता ब्यूरो, आयकर विभागों के कई सम्मनों की उपेक्षा कर चुके कोड़ा को राज्य सतर्कता ब्यूरो ने 30 नवंबर को चाईबासा में गिरफ्तार कर लिया। आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के मामले में कोड़ा को विशेष सतर्कता अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

कोड़ा के पूर्व मंत्रिमंडलीय तीन सहयोगियों कमलेश सिंह, एनोस इक्का और हरिनारायण राय को भी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। कोड़ा, उनके पूर्व मंत्रिमंडलीय सहयोगियों और साथियों के खिलाफ मनी लॉंड्रिंग और अवैध निवेश के आरोप में मामले दर्ज किए गए।
   
राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने कहा कि सांप्रदायिक भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए संप्रग के सभी गठबंधनों ने निर्दलीय विधायक का समर्थन किया था, जिसकी वजह से कोड़ा मुख्यमंत्री बने थे। कांग्रेस ने दावा किया कि कोड़ा के बाद अगस्त, 2008 में सोरेन मुख्यमंत्री बनाए गए क्योंकि पार्टी ने भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया।
   
सीबीआई ने इस साल दो आईएएस अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में मामला दर्ज किया। इनमें से एक अधिकारी तत्कालीन राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी का ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी था।
   
झारखंड उच्च न्यायालय ने पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में दायर एक याचिका को विचारार्थ स्वीकार कर लिया और उन्हें नोटिस भेजा।

उच्च न्यायालय ने पुलिस सुधार के लिए रखी गई विशेष गोपनीय राशि में से एक ही दिन में 5-6 करोड़ रुपये निकाले जाने के सिलसिले में झारखंड के पुलिस प्रमुख वीडी राम के खिलाफ दायर याचिका को लेकर राम से जवाब मांगा। इस बारे में एकाउंटेंट जनरल ने अपनी रिपोर्ट में सवाल उठाए हैं।
   
राज्यपाल पद पर रजी का कार्यकाल पूरा होने से पांच माह पहले ही उन्हें असम स्थानांतरित कर दिया गया और उनकी जगह के शंकरनारायण नए राज्यपाल बने। रजी के खिलाफ उनके कार्यकाल में, खास कर राष्ट्रपति शासन के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार के आरोप में एक याचिका दायर की गई।
   
राज्य में इस साल 36 बार बंद आयोजित हुआ। ज्यादातर बंद का आह्वान वाम चरमपंथियों ने किया था। बंद के कारण अरबों रुपये का नुकसान हुआ। माओवादियों ने 15 स्कूलों की इमारतों को आठ नवंबर से नौ दिसंबर के बीच विस्फोट से नष्ट कर दिया।
उन्होंने झारखंड के दौरे पर तीन बार आए गृहमंत्री पी चिदंबरम और राज्यपाल की बातचीत की पेशकश भी खारिज कर दी। लातेहर में नक्सलियों ने एक स्थानीय ट्रेन पर कब्जा कर लिया तो नवंबर में उन्होंने पश्चिम सिंहभूम में एक यात्री ट्रेन में विस्फोट कर दिया, जिससे दो लोग मारे गए और 58 घायल हो गए।
   
टीम इंडिया के कैप्टन महेंद्र सिंह धोनी के परिवार से 50 लाख रुपये मांगे गए और न देने पर गंभीर नतीजा भुगतने की धमकी दी गई। धमकी देने वाले को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:माओवादी हिंसा से थर्राए झारखंड ने देखा कोड़ा घोटाला