class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

हरियाणा में कांग्रेस सत्ता में लौटी, चौटाला हुए ताकतवर

लोकसभा चुनाव के अच्छे नतीजों से उत्साहित कांग्रेस ने हरियाणा में समय पूर्व विधानसभा चुनाव करवाकर जो तुक्का मारा था, वह बड़ी मुश्किल से तीर साबित हो पाया क्योंकि कांग्रेस को निर्दलीय का सहयोग लेकर वहां सरकार बनाने में सफलता मिली। देश का यह संपन्न प्रदेश अपने मुक्केबाजों, चांद फिजा प्रकरण और गैरत के लिए जान लेने की घटनाओं के कारण इस वर्ष कई बार सुर्खियों का हिस्सा बना।

लोकसभा चुनाव में हरियाणा की दस में से नौ सीटें जीतकर कांग्रेस को जो खुशी हासिल हुई थी वह विधानसभा चुनाव के नतीजों से काफूर हो गई, जब समय पूर्व चुनाव कराने का दाव खेल चुकी कांग्रेस के लिए प्रदेश में बहुमत जुटाने के लाले पड़ गए। वह तो भला हो सात निर्दलीय विधायकों का, उन्होंने कांग्रेस की नैया पार लगा दी। बाद में हरियाणा जनहित कांग्रेस के छह में से पांच विधायकों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। 90 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस को 40 सीटें मिलीं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के नेतृत्व वाले इनेलोद ने 30 सीटें जीतकर अपनी मजबूती का एहसास दिलाया।

इस वर्ष चांद और फिजा प्रकरण हरियाणावासियों ही नहीं बल्कि पूरे देश के लोगों में चर्चा का विषय रहा। राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री चंदर मोहन और राज्य की पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता अनुराधा बाली उर्फ फिजा हुसैन की प्रेम कहानी दूध के उबाल की तरह जैसे उठी थी वैसे ही बैठ भी गई। चांद मोहम्मद अचानक लापता हो गए और कुछ महीने इंग्लैंड में रहने के बाद अचानक अवतरित हुए। वह फिजा हुसैन को तलाक देकर एक बार फिर बिश्नोई खानदान के अच्छे बेटे बन गए और उनके पिता पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल और परिवार के अन्य सदस्यों ने उन्हें बड़ी उदारता से अपना लिया।

इस वर्ष राज्य में गैरत के नाम पर जान लेने की भी कई घटनाएं हुईं। दिल्ली के नजदीक स्थित झज्जर गांव में एक खाप की पंचायत ने एक ही गोत्र में विवाह करने वाले युगल को अलग कर दिया, जबकि जींद में एक युवक को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा क्योंकि उसने गांव की ही एक लड़की से शादी कर ली थी।

खेल के मोर्चे पर ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाले हरियाणा के विजेन्द्र सिंह ने एक बार फिर अपने राज्य का नाम रौशन किया, जब उसे अगस्त में 75 किलोग्राम वर्ग के वरीयताक्रम में विश्व का शीर्षस्थ मुक्केबाज आंका गया। दिल्ली में अगले वर्ष होने जा रहे राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी में हरियाणा भी पूरे जोर शोर से शामिल हो गया है। दिल्ली से सटा होने के कारण यहां पर्यटकों के ठहरने की व्यापक व्यवस्था के साथ ही पर्यटन स्थलों को भी बेहतर बनाया जा रहा है।

न्यूक्लियर पावर कोरपोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड ने हरियाणा के फतेहाबाद जिले में 12 हजार करोड़ रूपए की लागत से परमाणु बिजली संयंत्र स्थापित करने का ऐलान करके राज्य को एक और तोहफा दिया। वर्ष के अंतिम दिनों में हरियाणा और पंजाब के बीच पृथक उच्च न्यायालय की मांग को लेकर वाक् युद्ध हुआ। हरियाणा ने चंडीगढ़ में राज्य के लिए एक पृथक उच्च न्यायालय की मांग की है, जबकि पंजाब ने इसका विरोध किया है।

14 वर्ष पूर्व डबवाली में 400 लोगों की जान लेने वाले अग्निकांड के मामले में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने पीडि़त परिवारों को दी जाने वाली मुआवजा राशि को तीन करोड़ से बढ़ाकर 11 करोड़ कर दिया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:हरियाणा में कांग्रेस सत्ता में लौटी, चौटाला हुए ताकतवर