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किराएदारों का सत्यापन अभियान फुस्स

आतंकी वारदातों को देखते हुए शहर में किराएदारों का सत्यापन कराने के लिए चलाया गया। लेकिन अभियान एक दिन चलने के बाद ही फुस्स हो गया।

लोग किराएदारों का सत्यापन कराने के लिए कासना , सूरजपुर ,ग्रेटर नोएडा कोतवाली में फार्म लेने के लिए पहुंचे लेकिन कोतवाली में फार्म ही नहीं मिले। लोगों को फार्म न मिलने पर निराशा हाथ लगी है।

एसपी एस के वर्मा (देहात) ने बताया किराएदारों को सत्यापन अभियान शुरू कराया जा रहा है। फार्म छपवाकर मंगाए जा रहे हैं। पुलिस की कमी के चलते अभियान कुछ समय के लिए रोकना पड़ा है।

लोगों का कहना है कि उन्होंने घरों में किराएदार तो रख लिए हैं पर उनके बारे जानकारी नहीं लग पा रही है।  बीटा-दो में रहने वाले रामगोपाल का कहना है कि उनके पड़ोस के मकान का ताला रात दस बजे खुलता है, सुबह सूरज निकालने से पहले मकान पर ताला लग जाता है।

मकान में रहने वाले लोग कौन हैं, क्या काम करते हैं, कहां के रहने वाले हैं, इस बात का पता सेक्टर के लोगों को नहीं लग सका है।

बीटा- वन बी ब्लाक में रहने वाले इंद्रजीत सिंह का कहना है कि उनके पड़ोस के मकान में कुछ लोग रहते हैं। दिन भर दरवाजा बंद रहता है। शाम को थोड़ी देर के लिए खुलता है।

उनसे पूछा जाता है कि वे कौन हैं तो अपने आप को छात्र बताते हैं, तो कभी थोक का बिजनेस करने वाले बताते हैं। उन्होंने ऐसे मकानों में रहने वाले लोगों की जांच कराने की मांग पुलिस से की है।

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