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दवाओं के दुष्परिणाम बताने वाला संगठन बनेगा

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राष्ट्रीय औषध सतर्कता कार्यक्रम ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के औषध विज्ञान विभाग के सहयोग से देश में केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की शुरूआत करने की पहल की है।

एम्स के सूत्रों के अनुसार सीडीएससीओ औषधियों से होने वाले दुष्परिणामों का अध्ययन कर रोगियों की सुरक्षा बढ़ाने तथा दवाओं का दुष्परिणाम कम करने के उपाय करेगा। यह कार्यक्रम शुरूआत में देश के 40 मेडिकल कालेजों में अगले साल से शुरू किया जायेगा और वर्ष 2012 तक देश के सभी मेडिकल कालेजों को इसमें शामिल कर दिया जायेगा।

निजी क्षेत्र के अस्पतालों और औषधि क्षेत्र से जुडे उद्योगों में जो औषधि सतर्कता प्रणाली है, उसे भी इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जायेगा। इसके अलावा यह भी प्रस्ताव है कि इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन से जोड़ दिया जाये ताकि प्राथमिक और जिलास्तर के स्वास्थ्य केंद्रों से उपलब्ध होने वाले औषध दुष्परिणाम के आंकड़ों को भी निगरानी और जनस्वास्थ्य सुरक्षा में शामिल किया जा सके।

 

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  • Web Title:दवाओं के दुष्परिणाम बताने वाला संगठन बनेगा