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नशे में ड्राइविंग पर सख्त सजा से कोर्ट नाखुश

नशे में ड्राइविंग पर सख्त सजा से कोर्ट नाखुश

बंबई हाईकोर्ट ने व्यवस्था दी है कि नशे की हालत में गाड़ी चलाने पर ड्राइविंग लाइसेंस दस माह के लिए रद्द किया जाना, महानगरों की भयावह सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के मद्देजनर किसी भी दोषी के लिए बेहद कड़ी सजा है। न्यायालय ने हाल में यह व्यवस्था मुंबई निवासी नरेश तारी की याचिका पर दी जिसे नशे की हालत में मोटरसाइकल चलाने पर अपने ड्राइविंग लाइसेंस से दस माह के लिए वंचित होना पड़ा।
    
आरोपी को उस पर लगा आरोप नहीं समझाने के लिए पुलिस और मजिस्ट्रेट की खिंचाई करते हुए न्यायाधीश डीजी कार्निक ने दोबारा सुनवाई के लिए मामले को मजिस्ट्रेट के पास वापस भेज दिया। अदालत ने व्यवस्था दी कि याचिकाकर्ता को दी गई सजा बेहद कठोर है। हो सकता है कि यह उसका पहला अपराध हो। इतना ही नहीं, पच्चीस दिन की साधारण कैद भी कठोर प्रतीत होती है। आरोपी यदि सरकारी कर्मचारी हुआ और उसे 48 घंटों से ज्यादा हिरासत या जेल में रखा गया तो उसे निलंबित या बर्खास्त भी किया जा सकता है।
    
अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता कारोबारी शहर मुंबई में रहता है और हो सकता है कि अपने काम के सिलसिले में उसे रोज मोटरसाइकल की जरूरत पड़े। भयावह सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को ध्यान में रखते हुए किसी का ड्राइविंग लाइसेंस दस माह के लिए रद्द किया जाना बेहद कठोर सजा होगी।

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  • Web Title:नशे में ड्राइविंग पर सख्त सजा से कोर्ट नाखुश