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ईमानदारी से जारी रखें प्रयास

ठोस कदम जरूरी राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल का यह कथन सौ प्रतिशत सत्य है कि भारत को अपनी जनसंख्या नीति में परिवर्तन करना ही होगा। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो इस कृषि प्रधान देश में लोग दाने-दाने को मोहताज होकर भुखमरी के शिकार हो जाएंगे। जनसंख्या नियंत्रण के कार्यक्रमों के वांछित परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं, इसलिए इस मामले में हमें अपने पड़ोसी राष्ट्र चीन से सबक लेते हुए एक ही बच्चे को जन्म देने का कानूनी प्रावधान करना होगा। युधिष्ठिर लाल कक्कड़, गुड़गांव सीलिंग की झप्पी राजधानी दिल्ली के लोगों को एक बार फिर से सीलिंग से निजात मिलने पर बधाई। वैसे लोगों को अधिक खुश होने की आवश्यकता भी नहीं है। चुनाव में लोगों के वोट कैसे मिलें, नेता जानते हैं। वोट तभी मिल सकते हैं जबकि पहले उन्हें परशानी में डाला जाए और जब अच्छी तरह से लोग परशान हो जाएं तो फिर उन्हें थोड़ी-सी निजात देकर दोगुनी खुशी दे दी जाए। सरकार जानती है, विधायक जानते हैं, पार्षद जानते हैं कि अधिकारी मोटी कमाई करके अवैध निर्माण करवा रहे हैं । सब चुप हैं क्योंकि वोटों का खेल है। एक वर्ष बाद कभी न कभी अवैध निर्माण गिरंगे फिर क्या होगा? वीरन्द्र जरयाल, कृष्ण नगर, दिल्ली विकास अब भी जारी है पूरा विश्व इस वर्ष विकास के प्राकृतिक वरणवाद के सिद्धांत के प्रणेता डार्विन की 200वीं वर्षगांठ मना रहा है। डार्विन, जिन्होंने कि कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि ली, अगर चाहते तो आराम भरी जिंदगी जी सकते थे मगर इसकी अपेक्षा उन्होंने पूर विश्व में फैले अंधविश्वास, जो जन्तुओं के विकास के बार में था, को मिटाने के लिए 5 वर्षो तक समुद्री यात्रा की। अपने अध्ययन को जब उन्होंने दुनिया के सामने रखा तो एक खलबली सी मच गई। बहुत से लोग उनके पक्ष में खड़े हुए पर रुढ़िवादियों का एक बड़ा हिस्सा उनके खिलाफ था। इससे हार नहीं मानते हुए डार्विन ने अपना कार्य जारी रखा और आखिरकार उनके विकासवाद के सिद्धांत को दुनिया ने स्वीकार किया। गोपाम्बुज सिंह राठौड़, दिल्ली विनिमय राम कथा।ड्ढr वस्तु विनिमय प्रथा।। शरद जायसवाल, मध्य प्रदेशं

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